CG: धान खरीदी सिस्टम में बड़ा फर्जीवाड़ा, 8.14 करोड़ का घोटाला, 4 आरोपी गिरफ्तार
मुंगेली जिले में धान खरीदी और परिवहन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में राइस मिलरों और समिति प्रबंधकों द्वारा फर्जी दस्तावेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन करके शासन को 8.14 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का खुलासा हुआ।
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी और परिवहन व्यवस्था में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से मिले अलर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने जांच कराई जिसमें धान के अवैध ओवरलोडिंग, फर्जी वाहनों से परिवहन और रिसायक्लिंग जैसे गंभीर मामले उजागर हुए हैं। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कुछ वाहनों से वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक अधिक धान का परिवहन दिखाया गया है।
कलेक्टर कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जब पूरे नेटवर्क की परतें खोलीं तो राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों और अन्य संलिप्त व्यक्तियों द्वारा संगठित तरीके से किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस घोटाले से शासन को अब तक 8 करोड़ 14 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक क्षति होने का आकलन किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि कई आरोपी फरार हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, पीडीएस के लिए निर्धारित चावल का वितरण नहीं किया, फर्जी वाहन नंबरों से धान परिवहन दर्शाया और वास्तविक मात्रा से कहीं अधिक धान का उठाव कागजों में दिखाकर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर की। प्रारंभिक जांच में करीब 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी और परिवहन में अनियमितताओं के ठोस प्रमाण मिले हैं।
नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर अवैध परिवहन किया गया। यहां 74 जीपीएस युक्त और 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों के जरिए धान का उठाव दिखाया गया। इसी तरह सिंघनुपरी उपार्जन केंद्र ने एसएस फूड के साथ मिलकर 4,542 क्विंटल धान का बिना जीपीएस वाहन से परिवहन कराया गया है। छटन उपार्जन केंद्र में दीपक राइस मिल और नवकार मिल की मिलीभगत से 3,589 क्विंटल धान का अवैध परिवहन दर्ज पाया गया। वहीं, झगरहट्टा उपार्जन केंद्र में वर्धमान राइस मिलर्स के साथ गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
इन प्रकरणों में उपलेटा और वर्धमान राइस मिल के संचालक, समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, अब्दुल समद, ललित जैन, नवेन्द मेनन और अनिल जांगड़े फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मामले की जांच केवल एक-दो थानों तक सीमित नहीं रही। थाना फास्टरपुर में अपराध संख्या 12/2026 और थाना लालपुर में अपराध संख्या 09/2026 के तहत भी धान उपार्जन केंद्रों में फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी और अनियमितताओं के मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता, भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।




