खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत, फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक
पटना फायरिंग मामले में खान सर को राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है।
पटना। बिहार के चर्चित कोचिंग टीचर फैज़ल खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगले आदेश या अगली सुनवाई तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी।
पटना के चर्चित फायरिंग मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर के लिए यह बड़ी राहत है। खान सर की ओर से उनके वकील अरविंद मउआर ने सोमवार को पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और हथियारों के अवैध इस्तेमाल से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज है। मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगले आदेश या अगली सुनवाई तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए। खान सर की तरफ से पेश हुए वकील अरविंद कुमार महुआर ने कोर्ट से कहा कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई। किसी तरह से भय फैलाना मकसद नहीं था। खान सर के वकील ने बताया कि खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर 20 जून को सुनवाई होगी।
सोमवार को इसी मामले में जेल में बंद खान सर के दो सिक्योरिटी गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत पर भी सुनवाई हुई। उनके वकील अरविंद मउआर ने जज अनुराग वर्मा की अदालत में दलीलें पेश कीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पुलिस से मामले में सबूत मांगे। दोनों सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी आज फैसला आ सकता है। कल कोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। दोनों गार्ड्स को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने खान सर के गार्ड्स के बयान पर उनके ऊपर हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया है। FIR में बताया गया है कि खान सर ने गार्ड्स से कहा था कि तुम गोली चलाओ, बाकी मैं देख लूंगा।उधर, ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर पटना में सोमवार को छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला था। छात्रों ने रौशन आनंद के समर्थन में नारेबाजी और खान सर की गिरफ्तारी की मांग की थी।




