धर्म के नाम पर लूट के खिलाफ सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालेंगे दिग्विजय सिंह, गूगल फॉर्म जारी कर की लोगों से जुड़ने की अपील

विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है और इसी भावना को लेकर हमने उज्जैन से अयोध्या तक सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालने का निर्णय लिया है: दिग्विजय सिंह

Updated: Sep 09, 2026, 07:55 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने धर्म के नाम पर लूट और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ के खिलाफ यात्रा का औपचारिक ऐलान कर दिया है। उन्होंने 20 अक्टूबर, 2026 को विजयादशमी के दिन उज्जैन से अयोध्या तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर पारदर्शिता, सत्य और श्रद्धा की रक्षा तथा सामाजिक सद्भाव के लिए निकाली जा रही है। उन्होंने यात्रा से जुड़ने को इच्छुक लोगों के लिए गूगल फॉर्म भी जारी किया है।

सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर जारी वीडियो संदेश में दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रभु श्री राम करोड़ों सनातनियों की आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौर को याद करते हुए कहा कि 1988-89 में विश्व हिंदू परिषद द्वारा शुरू किए गए राम शिला पूजन अभियान में वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने भी हिस्सा लिया था और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दिया था।

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा चंदे और चढ़ावे का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में करोड़ों रुपये के घपले की बात सामने आई है और चंदे तथा चढ़ावे के धन से निजी संपत्तियां और वाहन खरीदे जाने जैसे प्रकरण सामने आए हैं।

पूर्व सीएम ने कहा कि हमारी आस्था के बिंदु और हमारी चढ़ोत्तरी को लूटा गया है, इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए गठित ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर भी चढ़ावे की लूट में शामिल हैं और पूरी सरकार चम्पत राय को बचाने में लगी हुई है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है और इसी भावना को लेकर उन्होंने शिवधाम (उज्जैन) से रामधाम (अयोध्या) तक "सनातन स्वाभिमान यात्रा" निकालने का निर्णय लिया है। यात्रा का ध्येय वाक्य होगा "यतो धर्मस्ततो जयः"। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक होगी और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या दल का विरोध करना नहीं, बल्कि धर्म और आस्था के नाम पर कथित भ्रष्टाचार एवं लूट के खिलाफ जनजागरण करना है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि लोग धर्म के नाम पर हो रही लूट और अधर्म के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं तो वे इस यात्रा से जुड़ें। यात्रा में सहभागिता के लिए उन्होंने एक गूगल फॉर्म भी जारी किया है, जिसके माध्यम से इच्छुक लोग अपना पंजीयन करा सकते हैं। दिग्विजय सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आइए, मिलकर सनातन स्वाभिमान की इस यात्रा को जन-जन तक पहुंचाएं।