सच के साथ खड़े रहो, बेटे रेहान की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर बोलीं प्रियंका गांधी

रेहान वाड्रा का आरोप है कि प्रदर्शनी के आयोजकों ने दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों को दिखाने वाली तस्वीरों को आपत्तिजनक बताते हुए हटाने को कहा है।

Updated: Oct 22, 2026, 01:23 PM IST

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की दिल्ली के बीकानेर हाउस में होने वाली प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आयोजकों में उन्हें प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाने के निर्देश दिए। इनमें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की तस्वीर भी शामिल है। हालांकि, रेहान ने तिरंगा वाली तस्वीर हटाने से इनकार कर दिया है। विवाद के बीच प्रियंका गांधी ने भी बेटे रेहान के समर्थन में भावुक ट्वीट किया है।

रेहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उनकी सोलो एग्जीबिशन ‘नो आइडिया इज फाइनल’ शुरू होने से कुछ घंटे पहले तस्वीरें हटाई गईं। प्रदर्शनी में पहले 100 से ज्यादा तस्वीरें थीं। अब करीब 40 बची हैं। रेहान ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक माहौल का हवाला दिया गया, जबकि तस्वीरों में कोई राजनीतिक संदेश नहीं था। रेहान ने कहा कि कलाकारों के काम को सेंसर किया जा रहा है। 

रेहान ने बताया कि बुधवार दोपहर 3:30 बजे उनसे कहा गया कि शाम 5 बजे तक तस्वीरें नहीं हटाईं तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। उनके मुताबिक, प्रदर्शनी का प्रस्ताव और लेआउट पहले ही प्रबंधन को दिया जा चुका था। उन्होंने कहा कि तस्वीरें पिछले छह महीनों में हुए प्रदर्शनों का दस्तावेज थीं। रेहान ने कहा कि मुझे नहीं पता कि वे किससे डरे हुए हैं और तिरंगा की फोटो तक हटाने की हद तक चले गए, लेकिन मैं तिरंगे के फोटो नहीं हटाऊंगा। प्रदर्शनी रविवार तक तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक रेहान वाड्रा की फोटो सीरीज में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दृश्य दर्ज हैं। तस्वीरों में पुलिसकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और प्रदर्शन के दौरान बने तनावपूर्ण माहौल को दिखाया गया है। एक तस्वीर में राहुल गांधी भी प्रदर्शनकारियों के बीच नजर आ रहे हैं।

बीकानेर हाउस प्रशासन के फैसले पर प्रियंका गांधी ने भी आपत्ति जताई। उन्होंने एक एक्स पोस्ट में लिखा, 'मुझे लगता है कि यह हास्यास्पद है। वे देशभर के युवाओं की आवाज को दबा रहे हैं। इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि वे किसी के साथ भी ऐसा करेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी रेहान की तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी थी और न ही किसी के खिलाफ कुछ अपमानजनक था। वे सिर्फ विरोध-प प्रदर्शन का दृश्य के जरिये किया गया दस्तावेजीकरण थीं। स्पष्ट रूप से यही उनका (सरकार) तरीका है। अब लोकतंत्र नहीं रहा। आज यह उसके साथ हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा।