उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के शेष 5,820 चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति दे सरकार: दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में एक ओर विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर चयनित और योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) चयन परीक्षा 2023 के शेष चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि शिक्षक दिवस से पहले सरकार इन चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान नहीं करती है, तो वे 5 सितंबर 2026 से 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होंगे।
सिंह ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों ने उनके समक्ष अपनी मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया है। अभ्यर्थियों के अनुसार उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के लिए वर्ष 2023 में चयन परीक्षा आयोजित की गई थी और इस भर्ती के लिए कुल 8,721 पद विज्ञापित किए गए थे।
सिंह ने कहा कि पात्र अभ्यर्थियों के लिए मुख्य चयन परीक्षा भी आयोजित की गई और दोनों परीक्षाओं में सफल होने के बावजूद अब तक सरकार द्वारा केवल 2,901 पदों पर ही नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। विज्ञापित पदों में से अभी भी 5,820 पदों पर नियुक्तियां लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी विज्ञापित पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति न दिया जाना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। परीक्षा उत्तीर्ण करने और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद वर्षों तक नियुक्ति की प्रतीक्षा करवाना युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में एक ओर विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर चयनित और योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा पहले पद विज्ञापित करना, चयन परीक्षाएं आयोजित करना और उसके बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति न देना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के सैकड़ों अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और नियुक्तियों के साथ-साथ रोस्टर में पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं। श्री सिंह ने उनकी मांगों को उचित बताते हुए पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता की सभी शर्तें पूरी की हैं और चयन परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, उन्हें नियुक्ति से वंचित रखना उचित नहीं है। इन युवाओं ने वर्षों तक तैयारी की है और अब उनकी नियुक्ति में और विलंब नहीं होना चाहिए।
सिंह ने भर्ती की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के 8721 विज्ञापित पद हैं। अब तक 2901 नियुक्तियां दी गई हैं और 5820 शेष नियुक्तियां लंबित हैं। उन्होंने मांग की कि शेष सभी 5,820 चयनित अभ्यर्थियों को यथाशीघ्र नियुक्ति प्रदान करने के लिए संबंधित विभाग को स्पष्ट और समयबद्ध निर्देश दिए जाएं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष चयन और नियुक्ति प्रक्रिया में निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति में चयन हो जाने के बाद भी वर्षों तक नियुक्ति न मिलना उनके मनोबल को तोड़ने वाला है। उन्होंने इसे चयनित युवाओं के साथ "भद्दा मजाक" बताते हुए कहा कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि परीक्षा उत्तीर्ण करने और चयनित होने के बाद उन्हें समय पर नियुक्ति मिलेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया है कि आगामी 5 सितंबर 2026, शिक्षक दिवस से पहले उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के शेष 5,820 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा है कि यदि शिक्षक दिवस से पहले सरकार इन चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान नहीं करती है, तो वे 5 सितंबर 2026 से 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर चयनित भावी शिक्षकों को नियुक्ति प्रदान करना सरकार की ओर से प्रदेश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के प्रति वास्तविक संवेदनशीलता का परिचायक होगा। दिग्विजय सिंह ने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री इस मामले पर गंभीरता से विचार कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे और लंबित नियुक्तियों पर शीघ्र निर्णय लेकर चयनित अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करेंगे।




