इंदौर में ईवी शोरूम में लगी भीषण आग, ब्लिडिंग में फंसे 20 लोगों को किया गया रेस्क्यू

इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम में भीषण आग लग गई। हादसे के दौरान बिल्डिंग के फ्लैटों में 20 लोग फंस गए थे।

Updated: Jun 05, 2026, 04:54 PM IST

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में आग लग गई। खालसा चौक के पास स्थित बहुमंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने शोरूम में आग लगने के बाद ऊपर के फ्लैटों में रहने वाले करीब 20 लोग फंस गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

घटना सुबह करीब 7 बजे की है। आग शोरूम में लगी और देखते ही देखते वहां से उठने वाला घना धुआं पूरी बिल्डिंग में फैलने लगा। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग उस समय अपने फ्लैटों में सो रहे थे। धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी होने पर उनकी नींद खुली। जब उन्होंने नीचे देखा तो शोरूम आग की लपटों से घिरा हुआ था। शोरूम के बगल से ही ऊपर जाने वाली सीढ़ियां थी जो आग और धुएं की चपेट में आ गई। जिसकी वजह से कई लोग फ्लैटों में ही फंस गए थे।

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लोगों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। पड़ोस की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रहने वालों ने सीढ़ियों और रस्सियों का इंतजाम किया। फंसे हुए लोगों को पहले छत पर पहुंचने के लिए कहा गया। इसके बाद दोनों इमारतों की छतों के बीच सीढ़ियां लगाकर अस्थायी रास्ता बनाया गया। कुछ लोगों को इसी रास्ते से दूसरी बिल्डिंग तक पहुंचाया गया। जबकि, कुछ को रस्सियों के सहारे नीचे उतारा गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाई।

राहत की बात यह रही कि आग फ्लैटों तक नहीं पहुंची थी। जिसकी वजह से वहां रखा घरेलू सामान सुरक्षित बच गया। हालांकि, शोरूम में खड़े सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। आग लगने से शोरूम को भारी नुकसान हुआ है। फायर ब्रिगेड अधिकारी शोभाराम मालवीय ने बताया कि हादसे में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दो पानी के टैंकरों की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

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बिल्डिंग में रहने वाले भानु सिंह और निशा सिंह ने बताया कि वे मूल रूप से शिवपुरी के निवासी हैं और करीब ढाई साल पहले इंदौर आए थे। भानु एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि सुबह वे सो रहे थे तभी लोगों ने खिड़कियों पर पत्थर फेंककर उन्हें आग लगने की सूचना दी। इसके बाद वे बालकनी में पहुंचे और बाहर का हाल देखा। 

इमारत में किराए के फ्लैट में रहने वाले चेतन मूल रूप से बेंगलुरु के निवासी हैं। वह अपना स्टार्टअप संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भी शोर शराबा सुनकर ही घटना की जानकारी मिली। रेस्क्यू के बाद अधिकांश लोग अपने परिचितों और रिश्तेदारों के यहां चले गए। भानु सिंह के अनुसार, बिल्डिंग में कुल नौ फ्लैट हैं। इनमें से दो से तीन फ्लैटों में परिवार रहते थे। कुछ निवासी खुद ही सुरक्षित बाहर निकल आए थे लेकिन उनके परिवार सहित कुछ अन्य लोगों को बचाव दल की मदद से निकालना पड़ा। उन्होंने बताया कि आसपास के लोगों और पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।

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पड़ोस की इमारत के चौकीदार प्रवीण ने बताया कि एक परिवार था। वे ऊपरी मंजिल के एक फ्लैट में ठहरा हुआ था। सुबह बारिश के दौरान वे बाहर का दृश्य देखने के लिए जागे थे। तभी उन्हें धुआं दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत अन्य फ्लैटों में रहने वालों को सतर्क किया। जिसके बाद लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश शुरू की और बचाव अभियान तेज हो गया। समय रहते हुए बचाव कार्य शुरू हो जाने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई और बिल्डिंग में फंसे सभी लोगों की जान सुरक्षित बचा ली गई।