चंदा चोरों, अयोध्या छोड़ो, दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर उज्जैन पहुंचे देशभर के साधु-संत

दिग्विजय सिंह राम मंदिर में चढ़ावे की लूट और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे हैं।

Updated: Oct 19, 2026, 01:08 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले उज्जैन में संतों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को महाकाल की नगरी से अयोध्या तक शुरू होने वाली इस यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से संत उज्जैन पहुंच रहे हैं। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने बताया कि हजारों की संख्या में संत यात्रा के शुभारंभ में शामिल होंगे। इस दौरान संतों ने ‘चंदा चोरों, अयोध्या छोड़ो’ के नारे भी लगाए।

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर उज्जैन पहुंचे संतों का वीडियो साझा किया है। वीडियो में महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने बताया है कि सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में शामिल होने के लिए हजारों संत कल तक पहुंचेंगे। कम्प्यूटर बाबा ने बताया कि सुबह दस बजे हजारों संत पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के साथ पार्थिव शिवलिंग निर्माण करेंगे और अनुष्ठान में शामिल होंगे। इसके बाद अधर्म पर धर्म की विजय की भावना से यात्रा का शुभारंभ होगा।

दरअसल, दिग्विजय सिंह राम मंदिर में चढ़ावे की लूट और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे हैं। करीब 950 KM की यह यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होगी और अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी।

इससे पहले ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने भी यात्रा को समर्थन और आशीर्वाद दिया है। इसके अलावा अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्रीमद् रामकृष्णानंद जी महाराज ने भी यात्रा की सफलता की कामना की है।

दिग्विजय सिंह की इस यात्रा का उद्देश्य मंदिरों में चढ़ावे की पारदर्शिता, कथित चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग उठाना है। यात्रा के जरिए धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई है।