इंदौर नगर निगम का क्लर्क निकला करोड़ों का आसामी, आय से अधिक संपत्ति मामले में EOW की कार्रवाई

नगर निगम क्लर्क के घर से मिला लाखों का सोना, 5 मकान, 4 जमीन समेत परिजनों के नाम पर कई निवेश, नगर निगम के ठेकेदारों से बिल पास करने के नाम पर करता था कमाई

Updated: Oct 28, 2021, 06:44 PM IST

इंदौर नगर निगम का क्लर्क निकला करोड़ों का आसामी, आय से अधिक संपत्ति मामले में EOW की कार्रवाई
Photo Courtesy: bhaskar

इंदौर। नगर निगम के एक मामूली क्लर्क के यहां करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने पर गुरुवार को EOW ने छापे की कार्रवाई की। राजकुमार सालवी नगर निगम के अकाउंट सेक्शन में क्लर्क है। EOW ने आरोपी क्लर्क के एयरपोर्ट रोड स्थित अंबिकापुरी वाले मकान में दबिश दी। पहल तो उसने टीम को बरगलाने की कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। EOW ने उसके तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। उसके घर से बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है। जिसकी कीमत करोड़ों में है।

क्लर्क के घर से 4 जमीनों, तीन मकानों औऱ दो फ्लैट्स के कागजात मिले हैं। वहीं उसके घर से लग्जरी कार, 3 बाइक बरामद हुई हैं। जिस घऱ में वह रहता है वह आलीशान है, राजकुमार सालवी का कई बैंकों में खाता है। जिसमें बड़ी मात्रा में कैश जमा है। वहीं बैंक लॉकर्स की जानकारी निकाली जा रही है। अब तक मिली संपत्ति की अनुमानित कीमत 1 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। क्लर्क पर नगर निगम के अफसरों के साथ मिलकर बिल पास करने के नाम पर ठेकेदारों से वसूली का आरोप है।

वर्तमान में नगर निगम के अकाउंट विभाग में क्लर्क के तौर पर कार्यरत राजकुमार ने साल 1997 में निगम में अस्थायी मस्टरकर्मी के तौर पर नौकरी की शुरूआत की थी। जिसे करीब 19 साल परमानेंट करके क्लर्क बनाया गया था। बताया जा रहा है कि इसका अब तक का कुल वेतन महज 26 लाख ही होता है, लेकिन आरोपी ने अब तक की कमाई में करोड़ों की चल अचल संपत्ति खरीद रखी है। उसने अपनी पत्नी और बेटे के नाम पर कंपनी बना रखी है। उसके माध्यम से वह नगर निगम से लाइसेंस लेकर ठेकेदारी का काम करता था, जिसे उसने बीच में ही बंद कर दिया था। इस पर उसके परिवार के अलावा अन्य सगे संबंधियों के नाम पर भी पूंजी निवेश के सबूत मिले हैं। EOW केस दर्ज कर मामले में जांच में जुटी है।