नर्मदा परिक्रमा की तर्ज़ पर चंबल नदी परिक्रमा पर डॉ गोविंद सिंह

MP By Election: पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने शुरू की चंबल परिक्रमा, अवैध उत्खनन रोकने के लिए हो रही पदयात्रा में जल पुरूष राजेंद्र सिंह और पीवी राजगोपाल के अलावा परिक्रमा में जुड़े सैकड़ों सेथानीय लोग

Updated: Sep 05, 2020 02:40 PM IST

नर्मदा परिक्रमा की तर्ज़ पर चंबल नदी परिक्रमा पर डॉ गोविंद सिंह

भिंड। लहार से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने चंबल बचाओ यात्रा शुरू कर दी है। चंबल परिक्रमा में उनके साथ गांधीवादी पीवी राजगोपाल, जल पुरुष राजेंद्र सिंह और कंप्यूटर बाबा भी शामिल होंगे।

ग्वालियर-चंबल अंचल की दो प्रमुख नदियों चंबल और सिंध नदी में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ ये परिक्रमा निकाली जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह ने अवैध खनन रोकने के लिए 15 अगस्त को भिंड में सत्याग्रह किया था। उनका कहना है कि इलाके की नदियों में अवैध खनन रोकने के लिए वे कई बार राज्य सरकार को पत्र लिख चुके हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि चंबल नदी से अवैध रेत खनन कर उत्तर प्रदेश में सप्लाई की जाती है। जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, साथ ही लगातार बेरोक-टोक अवैध खनन से नदियों को भी नुकसान होने लगा है।

15 अगस्त को एक दिवसीय सत्याग्रह किया था

पूर्व मंत्री का कहना है कि अवैध रेत खनन की कई बार हर स्तर पर शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कहीं कोई एक्शन नहीं लिया गया। जिसके बाद उन्होंने 15 अगस्त को सत्याग्रह कर एक दिन का उपवास किया था और अब वे जन जागरूकता के लिए नदी बचाने की मुहिम के तहत चंबल परिक्रमा करने निकले हैं।

भिंड में अवैध खनन को लेकर गोविंद सिंह कांग्रेस की सरकार में मंत्री रहते भी शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने सिंध और चंबल नदियों में बेतहाशा अवैध उत्खनन का मामला उठाया था। उनका आरोप है कि इन नदियों के किनारे 30 से 40 किलोमीटर तक जलस्तर में 50 -60 फीट की गिरावट आई है, कुएं सूखते जा रहे हैं। उनका संकल्प है कि जबतक ग्वालियर-चंबल संभाग को वे माफिया मुक्त नहीं करा लेंगे लेते जब चैन से नहीं बैठेंगे।   

गोविंद सिंह का कहना है कि नदी परिक्रमा कोई चुनावी परिक्रमा नहीं है। उन्होने ने साफ किया है कि इसका उपचुनाव से कोई लेना देना नहीं है। गौरतलब है कि साल 2018 के चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं।