केसीसी सीमा बढ़ाने के लिए बैंक प्रबंधक ने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

KCC Corruption: रायसेन के सिलारी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक ने दो किसान भाइयों से उनकी केसीसी सीमा बढ़ाने हेतु 18 हज़ार रुपए की रिश्वत मांगी थी

Updated: Oct 30, 2020, 10:14 AM IST

केसीसी सीमा बढ़ाने के लिए बैंक प्रबंधक ने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा
Photo Courtesy: patrika (symbolic photo)

रायसेन। रायसेन के उदयपुरा स्थित सिलारी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक ने दो किसानों से उनके किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए 18 हज़ार रुपए की रिश्वत मांगी। किसान भाइयों की शिकायत पर लोकायुक्त ने बैंक प्रबंधक पर मामला दर्ज कर लिया है। बैंक प्रबंधक अंकित मिश्रा और उसके ड्राइवर दोनों पर मामला दर्ज हुआ है। 

दरसअल 27 अक्टूबर को केतौघान के रहने वाले छोटे राम लोधी ने भोपाल लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि बैंक प्रबंधक ने उसे और उसके भाई खेमचंद से चार चार एकड़ की भूमि पर केसीसी की सीमा बढ़ाने के लिए 18 हज़ार रुपए रिश्वत के तौर पर मांगे हैं। इसके बाद किसान की शिकायत पर लोकायुक्त  की टीम उदयपुरा स्थित ग्रामीण बैंक पहुंची। 

बैंक प्रबंधक ने किसान को रिश्वत की राशि अपने ड्राइवर हेमंत धाकड़ को देने के लिए कहा। ड्राइवर ने किसान छोटे राम लोधी से 18 हज़ार रुपए लेकर अपने जेब में भर लिए। लोकायुक्त की टीम यह सब देख रही थी। ड्राइवर रिश्वत की राशि लेकर सिलारी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक अंकित मिश्रा के पास पहुंच गया। लोकायुक्त टीम ने अब बैंक प्रबंधक अंकित मिश्रा और उसके ड्राइवर हेमन्त धाकड़ के ऊपर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूरे मामले में बैंक प्रबंधक को मुख्य आरोपी और उसके ड्राइवर को सह आरोपी बनाया गया है। 

केसीसी यानी किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को सरकार द्वारा चलाी जा रही अनेक योजनाओं का फायदा मिलता है। लोन आदि की सुविधा के लिए भी यह ेक जरूरी कार्ड है।