सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट्स सवाल पूछें, इसलिए वह अंधभक्त पैदा करता है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि स्टूडेंट देश का फाउंडेशन होता है। स्टूडेंट देश को बनाता है। शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है, हर स्टूडेंट का हक है।
इंदौर। राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' को संबोधित किया। कार्यक्रम के 5वें एडिशन में उन्होंने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर करीब बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट्स सवाल पूछें, इसलिए वह अंधभक्त पैदा करता है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्राइवेटाइजेशन के चलते 55 फीसदी स्कूल एमपी और यूपी में बंद होते हैं। हॉस्टल भी 100 में से 14 लोगों को मिल सकता है। जब सरकार शिक्षा में कम पैसा डालती है तो स्टूडेंट खतरे में होता है। राहुल ने गांधी ने इस दौरान दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे की क्लिप दिखाई और कहा कि ये है रिजल्ट सरकारी इंफ्रास्टक्चर न होने का।
राहुल गांधी से बातचीत में राजगढ़ की सपना गुर्जर ने कहा कि मार्च 2019 में कांग्रेस सरकार ने 14 फीसदी आरक्षण बढ़ाकर 27 फीसदी किया था। यह पूरे प्रदेश में लागू भी है। सरकार बदलते ही बीजेपी सरकार ने हमारे 13 फीसदी पद पर कोर्ट का हवाल देकर हमारी सारी नियुक्त होल्ड कर दी है। पिछले 8 साल से हमारे 10 हजार पदों पर होल्ड नाम का राक्षस बैठा है।
वहीं, सतना के रहने वाले अखिल भारती क्रांति ने कहा- मैं एमपीपीएसी का छात्र हूं। यहां हालात ऐसे हैं कि पिछले 8 साल से जितने भी पदों पर भर्ती होती है उसमें 13 फीसदी पद होल्ड कर दिए जाते हैं। प्री हो जाता है, मेंस हो जाता है, इंटरव्यू हो जाता है। मेरे जैसे 4 लाख 87 हजार बच्चे होल्ड हैं। कोर्ट का बहाना देकर सरकार रोक देती है। 2018 में कांग्रेस सरकार ने कानून बनाया, तब से ही यह होल्ड है। हम लोग ओवर एज हो गए।
नर्सिंग स्टूडेंट याशिका दानी ने कहा, 'मैंने 2020 में एडमिशन लिया था, सोचा था कि मेरा कोर्स चार साल में पूरा हो जाएगा। 2026 चल रहा है और मैं अभी भी थर्ड ईयर में हूं। न रिजल्ट आया है, न फोर्थ ईयर के एग्जाम हो रहे हैं। न डिग्री पूरी हो रही हैं। यह सोचकर एडमिशन लिया कि अपने पैरों पर खड़ी हो पाऊंगी, लेकिन मुझे कोई जॉब नहीं दे रहा हूं। बेरोजगार घूम रही हूं।'
इस दौरान राहुल ने कहा कि स्टूडेंट देश का फाउंडेशन होता है। स्टूडेंट देश को बनाता है। शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है, हर स्टूडेंट का हक है। किंडर से मिड डे मील, स्कूल, कॉलेज और रोजगार… ये आपका काम नहीं है। ये हिंदुस्तान की सरकार का काम है। सरकार को सिस्टम चलाना चाहिए, मगर देश में उलटा हो रहा है।




