इंदौर: छात्रों की गूंज कार्यक्रम में रैपर लश-करी का परफॉर्मेंस, Gen-Z को जोड़ रही राहुल गांधी की स्पेशल टीम

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी के संवाद से पहले सिंगर राघव चैतन्य, इंदौर के रैपर लश-करी और अमेरिकाज गॉट टैलेंट के विजेता डांस ग्रुप वी अनबीटेबल ड्रीम टीम प्रस्तुतियां देंगे।

Updated: Sep 14, 2026, 04:35 PM IST

इंदौर। 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आएंगे और स्टूडेंट्स से बातचीत करेंगे। Gen-Z को जोड़ने राहुल गांधी की स्पेशल टीम मैदान में है। इस कार्यक्रम में मशहूर रैपर लश-करी भी परफॉर्म करेंगे।

इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने 11 सितंबर को रीजनल पार्क के पास स्थित आईडीए मैदान में कार्यक्रम करने की अनुमति दे दी। कांग्रेस ने इसके लिए IDA में 10,08,175 रुपए जमा कर दिए हैं। कार्यक्रम में सबसे पहले राघव चैतन्य, फिर लश-करी परफॉर्मेंस देंगे। इसके बाद वी अनबीटेबल ड्रीम टीम एक्रोबेटिक और हिप-हॉप डांस से धमाल मचाएगी।

इन कलाकारों को बुलाने के पीछे कांग्रेस की रणनीति युवाओं और Gen-Z तक अपनी पहुंच बढ़ाना है। राघव चैतन्य के इंस्टाग्राम पर करीब 1.80 लाख जबकि लश-करी के 4.98 लाख फॉलोअर्स हैं। बता दें कि राहुल का छात्रों की गूंज कार्यक्रम अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में हो चुका है। 

इंदौर में इसकी तैयारियों को लेकर राहुल की टीम के केवी बैजू सहित दूसरे सदस्य लगातार इंदौर में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश के एक लाख से ज्यादा युवा रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। छात्रों की गूंज के लिए कोचिंग-लाइब्रेरी, स्कूल-कॉलेजों में जाकर स्टूडेंट्स को आमंत्रित किया जा रहा है। इस दौरान यह भी जानकारी ली जा रही है कि वे किन मुद्दों को उठाना चाहते हैं।

युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने इंदौर को 32 जोन में बांटा है। प्रदेश के अन्य जिलों के पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं। युवा कांग्रेस के नेताओं को भी इससे जोड़ा गया है। छात्रों की गूंज को लेकर इंदौर में रविवार को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था, निजी शिक्षण संस्थानों, NEET पेपर लीक को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से रोजगार की कड़ी कमजोर हो रही है, ऐसे में इस मुद्दे पर देश में व्यापक चर्चा जरूरी है। पटवारी ने कहा कि अफोर्डेबल एजुकेशन की बात हो या शिक्षा नीति में बदलाव की, सभी पक्षों को साथ लेकर चर्चा करनी चाहिए। राहुल गांधी इस मुद्दे को छात्रों के बीच ले जा रहे हैं और इससे एक राजनीतिक मोमेंटम जरूर बना है।