PM आवास योजना पर भूपेश बघेल और विजय शर्मा की बहस, प्रेस क्लब के बाहर भिड़े बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ता
छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और डेप्युटी सीएम विजय शर्मा के बीच बहस हुई। इस दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
रायपुर। पीएम आवास योजना को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम सह गृहमंत्री विजय शर्मा आमने-सामने नजर आए। रायपुर प्रेस क्लब में पीएम आवास के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं ने अपने-अपने कार्यकाल में स्वीकृत और पूर्ण हुए आवासों के आंकड़े पेश किए। इस दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
दरअसल, पीएम आवास के मुद्दे को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को खुली बहस की चुनौती दी थी। भूपेश बघेल ने इस चुनौती को स्वीकार किया। इसी के तहत दोनों नेता रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे, जहां पीएम आवास को लेकर दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा। मामला केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, दोनों नेताओं के बीच कई मौकों पर तीखी नोकझोंक भी हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 1 लाख 39 हजार मकान पूर्ण हुए. 2020-21 वित्तीय वर्ष में 1 लाख 97 हजार 811 आवास का लक्ष्य था, जिसमें से 1 लाख 22 हजार आवास पूरे किए गए। भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में किसी भी सरकार के पास पर्याप्त पैसा नहीं था। उन्होंने दावा किया कि 2022-23 में पीएम आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था और उनकी सरकार ने केंद्र सरकार से अपना पैसा मांगा था। इसके लिए केंद्र को लगातार पत्राचार भी किया गया। भूपेश बघेल के मुताबिक, 2011 की जनगणना के आधार पर करीब 18 लाख आवास बाकी थे, जिनमें से उनकी सरकार ने 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए गए।
वहीं, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में 17 लाख 75 हजार पीएम आवास पूर्ण किए। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार की वेबसाइट पर इसके पूरे आंकड़े उपलब्ध हैं। विजय शर्मा ने कहा कि 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक पीएम आवास बनाए हैं। विजय शर्मा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में वित्तीय स्वीकृति तो हुई, लेकिन आवास पूर्ण नहीं हुए। विजय शर्मा के मुताबिक, कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में आवास के लिए करीब 3,900 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति थी और करीब 3 लाख आवास पूर्ण हुए। वहीं भाजपा सरकार ने करीब ढाई साल में 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए।
सियासी बहस के बीच पीएम आवास पोर्टल को लेकर दोनों नेताओं के बीच सबसे ज्यादा तीखी बहस देखने को मिली। भूपेश बघेल ने दावा किया कि 2022-23 में केंद्र सरकार ने पीएम आवास का पोर्टल बंद कर दिया था, जिसकी वजह से आवास योजना प्रभावित हुई। इसके जवाब में विजय शर्मा ने कहा कि पोर्टल बंद नहीं था और कोरोना के समय भी केंद्र से राशि आ रही थी। विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि मुद्दा पोर्टल का नहीं था, बल्कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह कहा था कि अगर यह प्रधानमंत्री आवास है तो प्रधानमंत्री ही जानें।
रायपुर प्रेस क्लब के अंदर जहां दोनों नेताओं के बीच पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर बहस चल रही थी, वहीं इसकी गर्माहट बाहर भी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान धीरे-धीरे कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता प्रेस क्लब के बाहर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ने के साथ दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएम आवास नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए अपने कार्यकाल में बड़ी संख्या में पीएम आवास दिए जाने का दावा किया। इस दौरान दोनों दल के कार्यकर्ता भिड़ गए। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें शांत कराया।




