मुआवजे की मांग को लेकर 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किसानों का भोपाल कूच, कलेक्टर के वीडियो कॉल पर माने

भोपाल में फसल नुकसान और बीमा राशि की मांग को लेकर 200 ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे किसानों ने कलेक्टोरेट घेराव का ऐलान किया था। हालांकि, देर रात कलेक्टर से बातचीत के बाद किसानों ने घेराव का फैसला स्थगित कर दिया।

Updated: Sep 16, 2026, 01:23 PM IST

भोपाल। राजधानी भोपाल में फसल नुकसान और लंबित फसल बीमा राशि को लेकर किसानों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में नजीराबाद, बैरसिया और हुजूर क्षेत्र के सैकड़ों किसान 200 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ भोपाल की ओर रवाना हुए। किसानों ने रात ईंटखेड़ी में बिताई और बुधवार को कलेक्टोरेट का घेराव करने की तैयारी की थी। हालांकि, देर रात कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत और समस्याओं के समाधान के आश्वासन के बाद किसानों ने घेराव स्थगित कर दिया।

किसानों के जुटने की सूचना के बाद कलेक्टोरेट परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। रात करीब 10.30 बजे तक किसान अपनी मांगों को लेकर मौके पर डटे रहे थे। इसके बाद एडीएम प्रकाश नायक ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से किसानों की वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कराई।

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करीब पांच मिनट की बातचीत में किसानों ने फसल नुकसान और बीमा से जुड़ी समस्याएं कलेक्टर के सामने रखी। कलेक्टर ने उन्हें मांगों पर उचित कार्रवाई और समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद किसान कलेक्टोरेट का घेराव करने का फैसला टालने पर सहमत हो गए।

भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि कलेक्टर और एडीएम से चर्चा के बाद किसानों ने बुधवार का घेराव स्थगित कर दिया है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया।

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दरअसल किसानों का कहना है कि लगातार खराब मौसम और फसलों में इल्ली के प्रकोप से सोयाबीन, उड़द सहित खरीफ की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक, नुकसान के बावजूद साल 2024-25 की फसल बीमा राशि अब तक उन्हें नहीं मिल सकी है। इसी मुद्दे को लेकर किसान प्रशासन के सामने अपनी मांग रखने के लिए भोपाल पहुंचे थे।