इटारसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सेहत से खिलवाड़, सड़ा खाना और गंदगी मिलने पर तीन किचन सील
इटारसी रेलवे स्टेशन के पास संचालित तीन किचनों पर जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की। जांच में गंदगी के बीच रेलवे यात्रियों के लिए सड़ा और दूषित भोजन तैयार होता मिला।
इटारसी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पश्चिम मध्य रेलवे के सबसे बड़े जंक्शन इटारसी रेलवे स्टेशन से जुड़े भोजन वितरण केंद्रों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच के दौरान रेलवे यात्रियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई। निरीक्षण में दूषित खाद्य सामग्री, सड़ी-गली सब्जियां और बेहद गंदे माहौल में खाना बनता मिला। इसके बाद प्रशासन ने तीन किचनों को तत्काल सील कर दिया और बड़ी मात्रा में खराब खाद्य सामग्री नष्ट कराई।
कार्रवाई नर्मदापुरम के अपर कलेक्टर (एडीएम) के नेतृत्व में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने की। सूचना मिलने पर टीम ने इटारसी रेलवे स्टेशन के पास बारह बंगला क्षेत्र में संचालित तीन किचनों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि रेलवे यात्रियों के लिए तैयार होने वाला भोजन स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं था और किचनों में गंदगी के बीच खाद्य सामग्री बनाई जा रही थी।
निरीक्षण के दौरान टीम ने राहुल इंटरप्राइजेज, अतुल अवस्थी और होटल धर्मराज की किचनों की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, तीनों प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन मिला। अनहाइजीनिक परिस्थितियां पाए जाने पर तीनों किचनों के साथ उनके परिसर भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिए गए।
जांच के दौरान प्रशासन ने करीब 100 लीटर ग्रेवी, 200 किलो सब्जियां, 1,500 समोसे, 250 किलो आलू और 30 किलो चावल सहित बड़ी मात्रा में दूषित खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट कराई। अधिकारियों को सड़े हुए आलू, खराब सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ भी मिले। जिन्हें यात्रियों के लिए उपयोग किए जाने की तैयारी थी।
छापेमारी के दौरान एक और गंभीर मामला सामने आया। किचनों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का सरकारी नमक बड़ी मात्रा में मिला जिसे प्रशासन ने जब्त कर लिया। अब यह जांच की जा रही है कि सरकारी राशन का नमक इन निजी किचनों तक कैसे पहुंचा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीनों प्रतिष्ठानों से अमानक और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के पांच नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। इन्हें राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों के स्वास्थ्य से समझौता करने वालों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।




