शिवपुरी में मिली मादा चीता निर्वा, कूनो नेशनल पार्क से 13 दिन पहले हो गई थी गायब
कुनो नेशनल पार्क से 13 दिन से लापता 6 वर्षीय मादा चीता निर्वा को शिवपुरी में सुरक्षित खोज लिया गया है। 20 अगस्त से 50 से अधिक वनकर्मियों की टीम लगातार तलाश में जुटी थी।
श्योपुर। मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान से लापता हुई छह वर्षीय मादा चीता निर्वा को 13 दिन तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षित खोज लिया गया है। निर्वा अपने तीन शावकों से अलग होने के बाद कुनो से निकलकर पड़ोसी शिवपुरी जिले में पहुंच गई थी। बुधवार को एक गांव के पास उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने उसे ट्रेस किया। अधिकारियों के मुताबिक, निर्वा पूरी तरह स्वस्थ है। उसका खराब हो चुका सैटेलाइट कॉलर भी बदल दिया गया है।
अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक और चीता परियोजना के क्षेत्र निदेशक उत्तम शर्मा ने बताया कि निर्वा की तलाश 20 अगस्त से चल रही थी। शावकों से अलग होने के बाद वह रेडियो संपर्क क्षेत्र से बाहर चली गई थी। इसके अलावा उसके शरीर पर लगा सैटेलाइट कॉलर भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। जिसकी वजह से उसकी लोकेशन का पता लगाना वन विभाग के लिए चुनौती बन गया था।
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निर्वा को 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए जाने के बाद सैटेलाइट कॉलर पहनाया गया था। उसकी तलाश के लिए रोजाना पांच सर्च टीमें मैदान में उतारी गई। इन टीमों में 50 से अधिक वनकर्मी, अधिकारी और अनुभवी चीता ट्रैकर शामिल थे। विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को भी निर्वा के बारे में जानकारी देकर उसकी गतिविधि नजर आने पर तत्काल सूचना देने को कहा था।
बुधवार को शिवपुरी जिले के एक गांव के पास चीते की मौजूदगी की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही तलाश दल मौके पर पहुंचा और मिले चीते की पहचान निर्वा के रूप में की गई। इसके बाद उसे सुरक्षित बचाया गया और खराब सैटेलाइट कॉलर को हटाकर नया कॉलर लगाया गया। उत्तम शर्मा ने बताया कि निर्वा स्वस्थ है और ठीक है।
शिवपुरी श्योपुर जिले से करीब 35 किलोमीटर दूर है। निर्वा के शिवपुरी पहुंचने के बाद वन विभाग ने स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों से मिली सूचनाओं को भी सर्च ऑपरेशन में शामिल किया और प्रत्येक सूचना का मौके पर सत्यापन कराया।
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अधिकारियों के अनुसार, भारत में इस समय कुल 52 चीते हैं। इनमें 32 चीते देश में जन्मे हैं। कुल 33 चीतों को रेडियो कॉलर लगाया गया है। इनमें 49 चीते कुनो राष्ट्रीय उद्यान में हैं। जबकि, तीन मंदसौर के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में रखे गए हैं। दोनों अभयारण्यों में फिलहाल 17 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं।
भारत में करीब सात दशक पहले चीते विलुप्त हो गए थे। इसके बाद देश में इस प्रजाति को फिर से बसाने के उद्देश्य से सितंबर 2022 में चीता पुनर्वास परियोजना शुरू की गई थी। पहले चरण में सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए थे। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते आए थे। तीसरे चरण में बोत्सवाना से नौ चीते 28 फरवरी 2026 को भारत पहुंचे थे।
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