बंगाल के बाद दिल्ली में भी टूट गई TMC, पार्टी के 20 सांसदों ने बनाया अलग गुट, NDA को समर्थन का ऐलान
पश्चिम बंगाल के बाद अब दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस टूट गई है। टीएमसी के 20 से ज्यादा सांसदों ने अलग गुट बनाने का ऐलान किया है। बागी गुट ने एनडीए को समर्थन देने की बात भी कही है।
कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद ममता बनर्जी को लगातार बगावत का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल में विधायकों के बगावत के बाद ममता को अब दिल्ली में भी बड़ा झटका लगा है। टीएमसी के 20 सांसदों ने अलग गुट बना लिया है। इतना ही नहीं, बागी सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान भी कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने भी सोमवार को यही दावा किया। उन्होंने बताया कि 20 सांसदों ने NDA को समर्थन देने का फैसला किया है। इस बारे में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भी भेज दिया गया है।
इनमें से 11 सांसदों ने सोमवार दोपहर केंद्रीय मंत्री और BJP के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग की। इस दौरान बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी भी इनसे मिलने पहुंचे। इस बैठक में लोकसभा सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय, अबू ताहिर, अरूप चक्रवर्ती, खलीलुर रहमान, शर्मिला सरकार, असित मल, कालीपद सोरेन, जगदीश बसुनिया और प्रसून बनर्जी मौजूद रहे।
लोकसभा में TMC के अभी 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। इससे पहले 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत को अपना नेता बनाया है। TMC के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने आज सुबह ही राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी भी छोड़ दी। त्यागपत्र में उन्होंने ममता के 15 साल के शासन को पार्टी की हार का नतीजा बताया और भाजपा की तारीफ की थी। राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने सुखेंदु शेखर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है।




