US-Iran के बीच बढ़ा तनाव, ईरान के कई शहरों को अमेरिकी सेना ने बनाया निशाना
अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। जबकि, ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार सुबह अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह लगातार दूसरा दिन है जब अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरानी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक सहित कई क्षेत्रों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दी थी। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विभिन्न इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलों को लेकर कहा कि ईरान परमाणु और सुरक्षा संबंधी समझौतों पर बातचीत को लगातार टाल रहा है। उनके अनुसार, इसी वजह से वाशिंगटन दबाव की रणनीति जारी रखे हुए है। ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने कार्रवाई के दौरान 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागी और लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल किया गया।
दूसरी ओर ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा है कि उसने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, इन हमलों से हुए संभावित नुकसान या हताहतों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी बीच ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा की है लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई पांच मिसाइलों को अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया। सेना के अनुसार, इस घटना में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने यह भी दावा किया कि दक्षिणी ईरान के जाम क्षेत्र में एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को गिरा दिया गया है। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
समुद्री क्षेत्र में भी तनाव का असर देखने को मिला। ओमान के तट के पास एक ऑयल टैंकर पर कथित अमेरिकी हमले के बाद आग लगने की सूचना है। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि, कुछ अन्य क्रू सदस्य लापता बताए जा रहे हैं।
बढ़ते सैन्य टकराव को देखते हुए रूस ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। मॉस्को ने कहा कि हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
इस बीच क्षेत्र में शांति प्रयासों के तहत कतर ने अपना एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा है। कतर का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने तथा दोनों पक्षों के बीच संवाद को आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।




