MPPSC में गड़बड़ी करने वाले को बनाया NTA चेयरमैन, जयवर्धन सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रेस को संबोधित करते हुए जयवर्धन सिंह ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा समेत पारदर्शी एग्जाम कैलेंडर जारी करने की मांग की।
बिलासपुर। NEET पेपर लीक मामले पर केंद्र की मोदी सरकार की चौतरफा किरकिरी हो रही है।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी "छात्रों की की गूंज" अभियान का शुभारंभ किया है। यह 40 दिनों का अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, अभ्यर्थियों, कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने इस कैम्पेन को लॉन्च किया।
मध्य प्रदेश के राघौगढ़ से विधायक जयवर्धन सिंह ने बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा समेत पारदर्शी एग्जाम कैलेंडर जारी करने की मांग की। जयवर्धन सिंह ने NTA चेयरमैन को घोटालेबाज करार देते हुए कहा कि प्रदीप जोशी ने मध्य प्रदेश में पीएससी के अध्यक्ष रहते हुए गड़बड़ियां की। इन गड़बड़ियों के कारण ही उनको प्रमोशन मिलता गया।
सिंह ने आगे कहा कि प्रदीप जोशी को यूपीएससी का चेयरमैन बना दिया गया और उसके बाद वे एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुखिया बन गए। उन्होंने यहां भी लाखों छात्रों के साथ नीट पेपरलीक घोटाला कर दिया। जयवर्धन ने कहा कि इनके सरपरस्त धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। प्रदीप जोशी छत्तीसगढ़ पीएससी के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।
जयवर्धन सिंह ने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था आज भरोसे के संकट से गुजर रही है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी घोटालों और भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस केवल विरोध की राजनीति नहीं कर रही, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक और संरचनात्मक सुधार चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता कमजोर हुई है और युवाओं का भरोसा लगातार टूट रहा है। जयवर्धन सिंह ने कांग्रेस पार्टी की ओर से केंद्र सरकार से तीन मांग की है।
कांग्रेस की मांग
1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों, अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण से उनके संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच हो ।
2. पूरी परीक्षा व्यवस्था का ओवरहॉल हो. एनटीए, पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, परीक्षा केंद्र, डिजिटल सिस्टम और वेंडर कॉन्ट्रैक्ट की जांच हो और हर चरण को सुरक्षित किया जाए ।
3. तय वार्षिक परीक्षा और भर्ती कैलेंडर लागू हो. परीक्षा तिथि, रिजल्ट तिथि और नियुक्ति समयसीमा पहले से घोषित हों और उनका सख्ती से पालन हो।




