राष्ट्रपति के लिए जेंडर न्यूट्रल शब्द की मांग, कांग्रेस नेता देवाशीष ज़रारिया ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र

विश्व में ऐसे उदाहरण हैं कि जब कोई पद लैंगिकता प्रदर्शित कर रहा हो तो उसे लैंगिक तटस्थ शब्द से बदल दिया गया है। अंग्रेजी में Chairman शब्द के स्थान पर Chairperson का इस्तेमाल किया जाने लगा है, भारत में भी इस पद्धति को स्वीकार कर लिया जाना चाहिए

Updated: Jul 31, 2022, 10:07 AM IST

राष्ट्रपति के लिए जेंडर न्यूट्रल शब्द की मांग, कांग्रेस नेता देवाशीष ज़रारिया ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र

भोपाल। "राष्ट्रपत्नी" विवाद के बीच अब राष्ट्रपति शब्द को जेंडर न्यूट्रल शब्द से बदलने की मांग शुरू हो गई है। मध्य कांग्रेस के युवा नेता देवाशीष जरारिया ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इस संबंध में पत्र लिखा है। कांग्रेस नेता ने इसमें उदाहरण देते हुए लिखा कि जिस तरह अंग्रेजी में Chairman शब्द के स्थान पर Chairperson का इस्तेमाल किया जाने लगा है। उसी तरह राष्ट्रपति के जगह भी कोई जेंडर न्यूट्रल शब्द लाया जाए।

प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू को संबोधित पत्र में देवाशीष ने लिखा कि, 'आपके भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति एवं देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने से पूरा देश गौरवान्वित है। आपका यह कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मिल का पत्थर साबित होगा और करोड़ो दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, गरीबो के लिए प्रेरणा बनेगा ऐसा मेरा विश्वास है। आपके देश के सर्वोच्च पद पर निर्वाचन से सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष भी अभिभूत है, लेकिन देश मे आपको संबोधित करने को लेकर जो विवाद की स्थिति बनी है वो बेहद निराशाजनक है।'

देवाशीष ने लिखा कि, 'मेरी राजनैतिक पार्टी कांग्रेस के लोकसभा के नेता अधीर रंजन चौधरी जी द्वारा, संसद में आपको संबोधित करने के दौरान लैंगिक त्रुटि हुई। इस भाषाई त्रुटि के लिए उन्होंने तत्काल माफी भी मांगी और देश का नागरिक एवं पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते मैं भी आपसे क्षमाप्रार्थी हूँ। महामहिम महोदया भारत एक बहुभाषी देश है, भारत की संसद में ऐसे अनेको सांसद है, जिनकी हिंदी अच्छी नही है, या उन्हें आती नहीं है। 

कांग्रेस नेता ने तर्क देते हुए कहा कि अधीर रंजन भी पश्चिम बंगाल राज्य से आते है, उनकी हिंदी भाषा पर पकड़ इतनी मजबूत भी नही है, एक गैर हिंदी भाषी के व्याकरण त्रुटि को आपके अनादर से जोड़ना उन करोड़ो भारतीयों के लिए अपमानजनक है जिनकी प्रथम भाषा या मातृभाषा हिंदी नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के वर्तमान हालातों में मुद्दे जैसे महंगाई, बेरोजगारी से ध्यान हटा कर व्याकरण त्रुटि पर ले जाया जा रहा है।

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देवाशीष ने निवेदन करते हुए लिखा है कि इस विषय को समाप्त करने हेतु राष्ट्रपति शब्द को लैंगिक तटस्थ (Gender Neutral) करने की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि पूरे विश्व में ऐसे उदाहरण है कि जब कोई पद लैंगिकता प्रदर्शित कर रहा हो तो उसे लैंगिक तटस्थ शब्द से बदल दिया गया है, उदहारण के लिए अंग्रेजी में Chairman शब्द के स्थान पर Chairperson का इस्तेमाल किया जाने लगा है, Batsman के स्थान पर Batter शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है।

राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में देवाशीष ने लिखा है कि, 'भारत में आपके पश्चात भी अनेको भारतीय महिलाएं देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होंगी, इस बेवजह के विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करने हेतु आप स्वयं आगे आए और राष्ट्रपति शब्द को किसी लैंगिक तटस्थ (Gender Neutral) शब्द से बदल दें।