शाजापुर में मजदूरों से भरी बस ट्रक से टकराई, चालक की मौत, गर्भवती महिला समेत 18 यात्री घायल
शाजापुर में NH-52 पर शुक्रवार देर रात मजदूरों से भरी बस लकड़ी से लदे ट्रक से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में बस ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई, जबकि 2 गर्भवती महिलाओं सहित 18 यात्री घायल हैं।
शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में नेशनल हाईवे-52 पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुनेरा थाना क्षेत्र के महाकाल ढाबे के पास मजदूरों को लेकर जा रही एक बस आगे चल रहे लकड़ी से लदे ट्रक से भिड़ गई। दुर्घटना में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, महिलाओं, बच्चों और पुरुषों सहित 18 यात्री घायल हो गए। घायलों में दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, हादसा रात करीब एक से दो बजे के बीच हुआ था। कमला बस में करीब 50 से 60 मजदूर सवार थे। वे इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र में ईंट भट्टों पर काम करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के विभिन्न गांवों के निवासी बताए गए हैं। यात्रा के दौरान बस अचानक आगे चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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दुर्घटना में अशोकनगर निवासी बस चालक मनोहर सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सुनेरा थाना पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य के बाद घायलों को तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर विनोद गुर्जर ने बताया कि दुर्घटना में घायल सभी लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। मृतक चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
हादसे के बाद लकड़ी से भरे ट्रक को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। टक्कर के कारण ट्रक से लकड़ी के गुटके सड़क पर बिखर गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ समय बाद कई लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के साथ वहां पहुंचे और सड़क पर फैली लकड़ी को अपने साथ ले गए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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घायलों में इंदौर निवासी रूपेंद्र, अशोकनगर निवासी बस हेल्पर राजेश, ललितपुर निवासी देवेंद्र, उनकी गर्भवती पत्नी अर्चना, गर्भवती आशा, धर्मेंद्र, किशन, सूत्वती, प्रेमबाई, पालक, माधुरी, रामगोपाल, प्रदीप, अंगूरी, हरिराम और रमाशंकर शामिल हैं। इसके अलावा गुना जिले के बड़ोदिया निवासी मिथुन तथा टीकमगढ़ जिले के मोहनपुर निवासी मीना भी घायल हुए हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है और फरार ट्रक चालक की तलाश के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही ट्रक में लकड़ी के परिवहन और दुर्घटना के बाद की परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी।
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