MP: ग्वालियर में नाबालिग से गैंगरेप के बाद हत्या, सबूत मिटाने के लिए शव जलाया
ग्वालियर में एक प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 15 वर्षीय नाबालिग का गैंगरेप किया। विरोध करने पर उसकी हत्या कर शव को पेट्रोल से जला दिया।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित नवग्रह मंदिर की पहाड़ी पर 15 वर्षीय नाबालिग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि युवती को उसके प्रेमी ने ही अपने साथी के साथ मिलकर पहले सुनसान स्थान पर ले जाकर गैंगरेप किया। इसके बाद आरोपियों ने उसे 50 हजार रुपए में बेचने की योजना बनाई। जब नाबालिग ने इसका विरोध किया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को छिपा दिया और अगले दिन उसे पेट्रोल डालकर जला दिया ताकि पहचान और सबूत दोनों मिटाए जा सके।
मृतका भिंड जिले के मौ क्षेत्र की रहने वाली थी। 28 मई को वह संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को लड़की के परिचित रामू गुर्जर पर शक हुआ। जिसके बाद उससे पूछताछ की गई और पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने इस मामले में रामू गुर्जर, उसके साथी अरुण और गौरव कुशवाह को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार, रामू गुर्जर का नाबालिग से प्रेम संबंध था। उसने युवती को भरोसे में लेकर 28 मई को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर ग्वालियर लाया। इस दौरान उसका साथी अरुण भी साथ था। दोनों आरोपी युवती को नवग्रह मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी क्षेत्र में ले गए। वहां उन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता लगातार विरोध करती रही और घर लौटने की गुहार लगाती रही लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी।
जांच में सामने आया कि गैंगरेप के बाद मुख्य आरोपी रामू गुर्जर ने अपनी ही प्रेमिका को 50 हजार रुपए में बेचने की बात अपने साथी अरुण से की। जब नाबालिग को इस सौदे की जानकारी हुई तो उसने इसका कड़ा विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की। इससे घबराए दोनों आरोपियों ने मिलकर उसका गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी शव को झाड़ियों में छिपाकर वहां से भाग निकले। हालांकि, गिरफ्तारी के डर और सबूत खत्म करने की मंशा से वे अगले दिन 29 मई को फिर घटनास्थल पर पहुंचे। इस बार उनके साथ गौरव कुशवाह भी था। तीनों ने मिलकर शव पर पेट्रोल छिड़का और उसमें आग लगा दी। शव आंशिक रूप से जलने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
दूसरी ओर बेटी के घर नहीं लौटने से चिंतित परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पिता के अनुसार, वह घर से बाहर जाने की बात कहकर निकली थी लेकिन देर रात तक वापस नहीं आई। तलाश के दौरान परिवार को घर से कुछ नकदी और जेवर भी गायब मिले। इसके बाद अगले दिन मौ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। परिजनों ने पुलिस को रामू गुर्जर पर संदेह होने की जानकारी भी दी थी।
मौ और ग्वालियर पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की और संदेह के आधार पर रामू गुर्जर को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में वह लगातार भटकाने की कोशिश करता रहा लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य सामने आने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस नवग्रह मंदिर की पहाड़ी पर पहुंची। वहां से नाबालिग का अधजला और क्षत विक्षत शव बरामद किया गया।
लश्कर सीएसपी किरन अहिरवार ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका का परिवार गहरे सदमे में है। पिता ने कहा कि उनकी बेटी को बेहद क्रूरता के साथ मौत के घाट उतारा गया है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और कड़ी सजा की मांग की है।




