छात्रों के समर्थन में उतरे अन्ना हजारे, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में शुरू किया मौन व्रत
समाजसेवी अन्ना हजारे ने आज दिल्ली में छात्रों के चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में आंदोलन किया। अन्ना ने सरकार से छात्रों के साथ बातचीत की अपील की है।
अहिल्यानगर। दिल्ली में जंतर-मंतर पर सीजेपी का चल रहे विरोध-प्रदर्शन के पक्ष में आखिरकार अन्ना हजारे को भी उतरना पड़ा है। यूपीए-2 के दौरान जनलोकपाल आंदोलन कर मशहूर हुए अन्ना हजारे ने गुरुवार को दो घंटे का मौन रखा। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत की भी अपील की।
अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में यह दो घंटे का मौन व्रत किया। छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए हजारे भावुक भी हो गए। तबीयत खराब होने के कारण कुछ देर बाद उन्हें प्रदर्शन स्थल से जाना पड़ा। हालांकि, उनके जाने के बाद भी स्टूडेंट्स का मौन प्रदर्शन जारी रहा।
इस दौरान छात्रों की समस्याओं का जिक्र करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगें बातचीत के जरिए सुलझाई जानी चाहिए।
इससे पहले अन्ना हजारे ने संसद चलो मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा था। इस पत्र में उन्होंने लिखा था कि जनता की आवाज मत दबाएं और उनसे बातचीत करें। जवाबदेही तय करते हुए अगर किसी का इस्तीफा लेने से सरकारें नहीं गिरतीं। देश के युवा पेपर लीक, बेरोजगारी और परीक्षाओं में देरी से परेशान हैं। इसलिए सरकार आंदोलनों को न दबाए। इसके बजाय प्रदर्शनकारियों से संवाद करें और समाधान निकालें।




