MP राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका, बेंगलुरु में होगी विधायकों की बाड़ेबंदी
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज, कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट करेगी, MLAs के साथ एयरपोर्ट पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है। BJP की ओर से तीसरे प्रत्याशी के ऐलान के बाद विपक्षी दल कांग्रेस को चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका है। ऐसे में पार्टी अपने विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पार्टी ने तोड़-फोड़ रोकने की जिम्मेदारी दी है।
दिग्विजय सिंह मंगलवार दोपहर विधायकों के साथ भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्य प्रदेश कांग्रेस ने स्टार एयरलाइंस का 72 सीटर विशेष विमान बुक कराया है। इसी विमान से विधायकों को भोपाल एयरपोर्ट से बेंगलुरु ले जाया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधायकों की शिफ्टिंग को लेकर कहा कि यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। कांग्रेस का जहां राज्य है विधायकों को हम वहां ले जाएंगे। सभी 62 विधायकों पर हमें पूरा भरोसा है, लेकिन भाजपा की तोड़-फोड़ की राजनीति को लेकर हम सजग हैं। भाजपा अपने विधायकों को संभालकर रखे। वहीं, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी के पास 10 विधायक कम हैं। ऐसे में तीसरी सीट के लिए जोड़-तोड़ का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस पूरी दृढ़ता के साथ अपने विचारों पर खड़ी और हम लोकतंत्र को रौंदने की तमाम कोशिशों को असफल करेंगे।
दरअसल, कांग्रेस 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए सतर्कता बरत रही है। उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कई विधायकों के इस्तीफे के बाद तत्कालीन कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और सरकार गिर गई थी। वर्तमान में सिंधिया केंद्र की एनडीए सरकार में मंत्री हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के फिलहाल 64 विधायक हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक विधायक मतदान के पात्र नहीं हैं।
वहीं सागर से विधायक निर्मला सप्रे पिछले कुछ महीनों में भाजपा नेताओं के साथ सार्वजनिक मंच साझा करती रही हैं और कांग्रेस विधायक दल की बैठकों से भी गैर हाजिर रही हैं। तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को 58 वोटों का आंकड़ा छूने के लिए अभी भी आठ अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। यह स्थिति तब भी रहेगी, यदि उसे निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक कमलेश डोडियार का समर्थन मिल जाए। सोमवार को निर्मला सप्रे को मुख्यमंत्री आवास के पास भी देखा गया। बहरहाल, अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिशों से कैसे निपटती है।




