MP में बदला मौसम का मिजाज, 52 जिलों में आंधी की चेतावनी, 45 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश और आंधी का मौसम 10 जून तक बने रहने की संभावना है, जिसकी चेतावनी भी जारी की गई है। साथ ही ओलावृष्टि को लेकर भी चेताया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून से पहले प्री-मानसून जमकर बरस रहा है। शनिवार को भी राज्य में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी (IMD) का कहना है कि प्रदेश के ऊपर 3 साइक्लोनिक सकुलेशन (चक्रवात) एक्टिव है, जिसकी वजह से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से बारिश हो रही है। भोपाल में विगत तीन दिनों से आंधी-बारिश का दौर जारी है।
शनिवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, म्वालियर, शिवपुरी, दृतिया, मुरैना, भिंड, शयोपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश और आंधी का मौसम 10 जून तक बने रहने की संभावना है, जिसकी चेतावनी भी जारी की गई है। साथ ही ओलावृष्टि को लेकर भी चेताया गया है। सतना में सबसे तेज 59 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी चलेगी। इसके अलावा सीहोर में 48, आगर-मालवा में 44, धार और गुना में 43 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे हालात सामान्य होने तक फसल काटने और उसे स्टोर करने का काम टाल दें। साथ ही, लोगों से कहा गया है कि बिजली कड़कने और तूफ़ान के दौरान खुले खेतों, जलाशयों और अस्थायी ढांचों के पास न जाएं। एहतियाती उपायों में ढीली चीजों को सुरक्षित करना, तूफान के दौरान घर के अंदर रहना और पशुओं को सुरक्षित आश्रय देना शामिल है।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश के ऊपर 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इसी वजह से तेज आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश में दिन का तापमान लुढ़क गया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के एकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडा श्योपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है। केरल में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है।




