NEET पेपर लीकः फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली सुनवाई ही स्थगित, CBI का वकील नहीं पेश हुआ

कांग्रेस ने इसे लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए। यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां रीलबाजी तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।

Updated: Jul 27, 2026, 05:58 PM IST

नई दिल्ली। पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर आरोपियों को त्वरित सजा दिलाने के पीएम मोदी के दावे की पोल आज पहले दिन ही खुल गई। दरअसल आज दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई होनी थी, लेकिन पहली ही सुनवाई में सीबीआई के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।

कांग्रेस ने इसे लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए। आज नीट पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी। लेकिन पहली ही सुनवाई में सीबीआई के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी। यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।

यह मामला आज दिल्ली की राऊज एवेन्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट का है। कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का निर्देश दिया है। इसी बीच, कोर्ट ने आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी। अब इस मामले में सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से की जाने वाली यह पहली सुनवाई थी। सीबीआई की तरफ से मामले की सुनवाई में कोई वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके कारण कोर्ट ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी। आरोपियों की ओर से वकील एपी सिंह पेश हुए। कोर्ट ने संबंधित डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को निर्देश दिया कि वे नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें।

बता दें कि दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उन 13 आरोपियों में शामिल हैं जिन्हें सीबीआई ने तय परीक्षा की तारीख से पहले नीट-यूजी पेपर लीक करने के कथित अपराध में गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं। 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। 23 जुलाई को राऊज एवेन्यू कोर्ट में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) एक्ट-2024' और इससे जुड़े अन्य अपराधों की सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई गई। इससे जुड़े सभी मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।