व्यापमं से शुरू हुआ परीक्षाओं में गड़बड़ी का ट्रेंड, NEET पेपर लीक पर बोले दिग्विजय सिंह
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर NEET-UG एवं अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी।
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और CBSE परीक्षा में अनियमितता के मुद्दे पर केंद्र सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। कांग्रेस सांसद और शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन दिग्विजय सिंह ने कहा है कि व्यापमं से परीक्षाओं में अनियमितता का ट्रेंड शूरु हुआ।
सिंह ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, 'इस देश में सबसे पहले जो इंजीनियरिंग-मेडिकल कॉलेज की भर्ती और सरकारी नौकरियों में नियुक्ति हैं, पहले ये सब मध्य प्रदेश में व्यापम के माध्यम से होती थी। भारी भ्रष्टाचार हुआ था, जिसमें लगभग 50 लोगों ने आत्महत्या की थी लेकिन आज भी उसमें केवल इंजीनियरिंग-मेडिकल कॉलेज की भर्ती के भ्रष्टाचार की जांच हुई है।'
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी नौकरियों में जो भ्रष्टाचार हुआ है, उस पर कोई जांच भी शुरू नहीं हुई है। तब से लेकर आज तक करीब 100 ऐसे प्रकरण राज्य व केंद्र सरकार के अंतर्गत हैं जहां पेपर लीक हुआ या पेपर देते हुए लोगों ने भ्रष्टाचार किया। ऐसे प्रकरणों में भी हमें ये जानकारी नहीं है कि किसने जांच की, कितने लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुए, कितने लोगों को दोषी पाया गया, कितने लोगों को सजा हुई और कितने लोग ऐसे हैं जो बरी हो गए हैं या कितने लोगों के खिलाफ मामले वापस ले लिए गए हैं। ये सारी जानकारी मैंने मांगी है।
सिंह ने आगे कहा कि NEET और CBSE की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। इस पर हमने NTA और CBSE से अभी सुझाव मांगे हैं। उनके सुझाव 8 या 10 तारीख तक आएंगे। उसके बाद ही हम लोग अपनी रिपोर्ट बना पाएंगे। इससे पहले शुक्रवार को ही दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर NEET-UG एवं अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी।




