MP में जन विश्वास अभियान का ऐलान, हर शुक्रवार जनता की समस्याएं सुनेंगे मंत्री और अफसर

CM डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में तय हुआ कि हर शुक्रवार को जन विश्वास अभियान चलेगा। मंत्री, नेता, कलेक्टर और अधिकारी मैदान में उतरकर समस्याएं सुनेंगे।

Updated: Jul 28, 2026, 04:02 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने हर शुक्रवार को जन विश्वास अभियान चलाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इस अभियान के तहत मंत्रियों, नेताओं के साथ कलेक्टर व अन्य अधिकारी भी मैदान में जाएंगे और की समस्याएं सुनेंगे। इस अभियान की शुरुआत शुरुआत सात अगस्त से होगी जो अगले साल 8 जनवरी चलेगी।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य में हर शुक्रवार को जन विश्वास अभियान चलाएगी, जिससे राज्य के युवाओं और आमलोगों की समस्याओं का तुरंत निदान किया जाएगा। कैबिनेट में इस अभियान को मंजूरी दी गई। कैबिनेट में बताया कि इस शुक्रवार को कई बैठक नहीं हुआ करेगी, फिर दो सप्ताह बाद अभियान की समीक्षा होगी। इसमें फील्ड की वास्तविक स्थितियों का फीडबैक पाने के लिए काम किया जाएगा। 

भोपाल से लेकर संभाग और जिले तक सभी सीनियर अफसर फील्ड में रहेंगे। भ्रमण से एक हफ्ते पहले उस क्षेत्र के सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। जन विश्वास अभियान में दो तरह का संवाद होगा, पहला जन संवाद और दूसरा उद्योग संवाद रहेगा, इसमें वृहद, एमएसएमई, कुटीर उद्योगों के उद्यमियों की समस्याओं का स्पाट पर निराकरण किया जाएगा।

सीएम मोहन यादव ने सरकार के अभियान की जानकारी मंत्रियों को देते हुए कहा कि जन विश्वास अभियान के जरिए सरकार की अलग-अलग विभागों की योजनाओं की सीधे तौर पर मॉनिटरिंग होगी। सभी जनप्रतिनिधि, मंत्री विधायक मैदान में जाकर लोगों की समस्या सुनेंगे। इसमें अधिकारियों की पूरी टीम भी जाएगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इस अभियान में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान योजना, जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी, खाद-बीज से संबंधित विषयों और अन्य मामलों पर फोकस किया जाएगा।

सिंह ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मंत्री पहले प्रभार के क्षेत्र में जाएंगे। अपने क्षेत्र में भी जा सकते हैं। मुख्यमंत्री भी कहीं न कहीं जाएंगे। अभियान शुरू होने के बाद एक-दो हफ्ते में जो भी अनुभव सामने आएंगे, उसमें और सुधार किया जाएगा। गांव में पंचायत और शहर में वार्ड इसकी इकाई होंगे। हर बार इसके लिए स्थान चयनित किए जाएंगे। इसके जरिये करप्शन और अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार संकल्पित है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

कैबिनेट के अन्य फैसले

* जल संसाधन विभाग में पांच साल तक योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।
* मल्हारगढ़ दाब युक्त सिंचाई परियोजना, रिहंद परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।
* विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आईसर संस्थान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना की मंजूरी दी गई है। इसकी लागत 85.51 करोड़ है। ड्रोन तकनीक, रिसर्च आदि काम यहां होगा।
* ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निदेशालय में नए पदों की स्वीकृति देने का फैसला किया गया है।
* खाद्य विभाग में जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से विधिक माप विज्ञान अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। बार-बार रिन्यूवल की जरूरत नहीं रहेगी। एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी काम कर सकेंगे।