बकरी चराने वाले बच्चों को शिक्षा देने में जुटी झाबुआ की बेटी, स्कूल बंद हुए तो गांवों में जाकर पढ़ा रही हैं प्रियंका

ग्रामीण बच्चों को बकरी चराते देख आया शिक्षा देने का आया ख्याल, प्रियंका एक निजी विद्यालय में शिक्षक थीं लेकिन कोरोना में बंद हो गया स्कूल

Updated: Aug 11, 2021, 08:55 AM IST

बकरी चराने वाले बच्चों को शिक्षा देने में जुटी झाबुआ की बेटी, स्कूल बंद हुए तो गांवों में जाकर पढ़ा रही हैं प्रियंका

झाबुआ। जब पीढ़ियों को शिक्षित करने का जुनून हो तो परिस्थियां आड़े नहीं आतीं। ऐसा ही कर दिखाया है झाबुआ की एक बेटी ने। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हुए तो यह महिला शिक्षक बकरी चराने वाले बच्चों को उनके बीच जाकर ही शिक्षा देने में लग गई। इतना ही नहीं पठन-पाठन का सारा खर्च भी वह खुद ही उठाती हैं। 

दरअसल, शहर की पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पीछे तीरथेंद्र नगर में रहने वाली प्रियंका जोशी शहर के एक निजी स्कूल में शिक्षक है। वे शाम के वक्त घूमने के लिए राणापुर रोड पर गई थी। इस दौरान उन्हें कुछ ग्रामीण बच्चे मवेशी चराते नजर आए तो उनका मन विचलित हो गया। बच्चों से जब उन्होंने सवाल किया कि क्या वे कभी स्कूल गए हैं तो बच्चो ने इनकार कर दिया।

चूंकि, कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो वर्ष से स्कूल नही खुले तो उन बच्चो का एडमिशन भी नही हो पाया था। लिहाजा प्रियंका ने ऐसे बच्चों को अपने स्तर पर पढ़ाने का निर्णय ले लिया। वे अगले ही दिन बच्चो के लिए कॉपी, किताब और पेन लेकर उनके बीच पहुंच गई। पास में स्थित कॉलोनी की सड़क के किनारे एक मेट बिछाकर उन्होंने अपनी क्लास भी शुरू कर दी। 

अब जब तक मवेशी चरते हैं, तब तक प्रियंका बच्चों को अक्षर ज्ञान देती है। प्रियंका के अनुसार वे जिन ग्रामीण बच्चों को पढ़ा रही है उनमें से दो भाई बहन नारायण और शोभा के पिता नही है। प्रियंका ने बताया कि वे ऐसे बच्चों का सरकारी स्कूल में एडमिशन भी करवाएंगी ताकि उनकी पढ़ाई भी चलती रहे और बच्चो को सरकारी योजना का लाभ भी मिल सके।

हर बस्ती में जाकर ऐसे बच्चों की सूची तैयार करूंगी- प्रियंका

गरीब ग्रामीण बच्चों को शिक्षित करने में लगी प्रियंका ने अब निर्णय लिया है कि वे शहर की हर गरीब बस्ती में जाकर ऐसे बच्चों की सूची तैयार करेंगी जो स्कूल नहीं जा रहे हैं और उनके परिजन के पास एंड्रॉइड मोबाइल नहीं होने से वे ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं। वे ऐसे बच्चों की न केवल ऑनलाइन क्लास लेने में मदद करेंगी, बल्कि स्वयं उन्हें पढ़ाएंगी भी।