देश में महंगाई से आमजन बेहाल, खुदरा महंगाई लगातार सातवें महीने बढ़ी
देश में जुलाई महीने में खाद्य महंगाई दर 5.52 प्रतिशत रही है। जुलाई में ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 5.79 प्रतिशत और शहरी इलाकों में महंगाई दर 5.05 प्रतिशत रही है।
नई दिल्ली। देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। महंगाई का सीधा वार आम लोगों की थाली पर हो रहा है। आलम ये है कि खुदरा महंगाई में लगातार सातवें महीने वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई के महीने में देश की खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) बढ़कर 4.45 फीसदी पर पहुंच गई है, जो इससे पिछले महीने यानी जून में 4.38 फीसदी थी।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण खाने-पीने की चीजों (खाद्य पदार्थों) के ऊंचे दाम हैं, जिन्होंने आम जनता के बजट को प्रभावित किया है। खाद्य महंगाई दर (कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स) जून के 5.32 फीसदी से उछलकर जुलाई में 5.52 फीसदी पर पहुंच गई है। चिंता की बात यह है कि गांवों में रहने वाले लोगों पर इसकी मार शहरों से ज्यादा पड़ी है।
आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 5.79 फीसदी रही, जबकि शहरी इलाकों में यह थोड़ा कम यानी 5.05 फीसदी दर्ज की गई। खाद्य सामग्रियों की बात करें तो प्याज की महंगाई दर जून के 4.73 फीसदी से सीधे छलांग लगाकर जुलाई में 22.54 फीसदी पर पहुंच गई। लहसुन की महंगाई दर भी 17.93 फीसदी से बढ़कर 35.36 प्रतिशत हो गई है। अदरक ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसकी महंगाई दर 50.41 फीसदी से बढ़कर सीधे 83.62 फीसदी के बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है।
हालांकि, इस चौतरफा तेजी के बीच कुछ सब्जियों के दामों में गिरावट (डिफ्लेशन) भी दर्ज की गई जिससे थोड़ी राहत मिली। आलू के दाम पिछले साल की तुलना में 16.56 फीसदी कम हुए। भिंडी में 5.52% की गिरावट आई, जबकि मटर (-5.27%) और टमाटर (-4.59%) भी सस्ते हुए हैं।
महंगाई की यह आंच सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी कीमतें बढ़ी हैं। यातायात सेक्टर की बात करें तो ट्रांसपोर्ट महंगाई जून के 4.31% से बढ़कर जुलाई में 4.43% हो गई, जबकि माल ढुलाई की दरें 7.77% पर आ गईं।।पर्सनल केयर, सामाजिक सुरक्षा और विविध सेवाओं की महंगाई दर सबसे अधिक 14.77% पर बनी हुई है, जिसमें अन्य व्यक्तिगत सामानों के दाम 43.54% तक बढ़े हैं। होटल और रेस्टोरेंट सेवाओं की महंगाई दर 7.72% दर्ज की गई।
चिंता की बात ये है कि आरबीआई और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले निकट भविष्य में मुख्य महंगाई दर में अभी थोड़ा और उछाल आ सकता है और इस साल की तीसरी तिमाही (Q3) में यह अपने चरम पर पहुंच सकती है।




