MP: दमोह में कस्टोडियल डेथ, भड़के ग्रामीणों ने पुलिस पर किया पथराव

दमोह के हिंडोरिया में शिव सिंह लोधी की मौत के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। शव गांव पहुंचने पर अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस पर पथराव हुआ। जिसमें एसडीएम सौरभ गंधर्व और टीआई महेंद्र जगेत घायल हुए।

Updated: Sep 27, 2026, 12:08 AM IST

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हिंडोरिया में 50 वर्षीय शिव सिंह लोधी की मौत को लेकर शुक्रवार को तनाव की स्थिति बन गई। सागर में पैनल पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। जिसमें दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व और पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

करीब एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की। पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने भी ग्रामीणों से कहा कि पुलिस उनकी परेशानी और दुख को समझने के लिए मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों की समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ और अंतिम संस्कार कराया जा सका।

शिव सिंह लोधी की मौत के बाद से ही परिजनों में आक्रोश है। परिवार के मुताबिक, गुरुवार रात पुलिस हिनौता गांव में जुए के कथित अड्डे पर कार्रवाई करने पहुंची थी। मृतक के बेटे जागेश्वर सिंह का आरोप है कि पुलिस इस कार्रवाई के दौरान उनके पिता को अपने साथ ले गई थी और हिरासत में उनके साथ मारपीट की गई।

परिवार का कहना है कि बाद में उन्हें शिव सिंह की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई और अस्पताल में भर्ती कराने की बात बताई गई। परिजन जब हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां उन्हें शिव सिंह का शव मिला। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

सागर में पैनल पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे शिव सिंह का शव गांव पहुंचा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पथरिया, पटेरा, हिंडोरिया और दमोह देहात थाने का बल मौके पर मौजूद था।

शव पहुंचते ही ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में भीड़ का आक्रोश बढ़ गया और पुलिसकर्मियों की ओर पत्थर फेंके जाने लगे। इसी दौरान एक पत्थर दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व के पैर में लगा। पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत को भी चोट आई। दोनों अधिकारियों को इलाज के लिए बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

घटना के बाद पुलिस विभाग ने भी प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई की। गुरुवार रात हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र में परिजनों के हंगामे की सूचना मिलने पर एसपी आनंद कलादगी मौके पर पहुंचे थे। परिजनों से बातचीत के बाद आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया था।

इनमें एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, हेड कॉन्स्टेबल संजय पाठक, वीरेंद्र मिश्रा, अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, दीपचंद्र चौधरी और कॉन्स्टेबल शिवसदन शामिल हैं।

परिवार की मांग है कि शिव सिंह की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो। एसपी आनंद कलादगी के मुताबिक, मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। परिवार को शासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है।

अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि शिव सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई। इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल हिंडोरिया में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों का पुलिस बल तैनात है।