चंदा चोरों को पीएम मोदी का संरक्षण, SIT की जांच पर देशवासियों को भरोसा नहीं: जयराम रमेश

जयराम रमेश ने कहा कि जब एसआईटी को पता था कि सब कुछ पता चलने के तीन दिन बाद भी चंपत राय ने चढ़ावा चोरी होने से इंकार किया। फिर भी चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया।

Updated: Sep 26, 2026, 04:56 PM IST

नई दिल्ली। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि चंदा चोरों को पीएम मोदी का संरक्षण प्राप्त है। कांग्रेस नेता ने SIT की जांच पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देशवासियों को SIT की जांच पर भरोसा नहीं है।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में जांच में बड़ी मछलियों को बचाया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच तथा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में मामले को 'चंदा चोरी, आस्था धोखा’ करार देते हुए कहा कि आरोप पत्र में सामने आए तथ्यों से विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच और सरकारी लीपापोती पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने आरोप पत्र में दर्ज घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि इस साल चार जून को गणना कक्ष के बाथरूम से 2.25 लाख रुपये मिलने का वीडियो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय को भेजा गया था और अगले दिन उन्हें सीसीटीवी फुटेज भी दिखाई गई थी। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब सीसीटीवी फुटेज, नकदी की बरामदगी और संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान सामने आ चुकी थी, तो 25 जून को प्राथमिकी दर्ज होने तक 21 दिन क्यों लगे?

जयराम रमेश ने यह भी सवाल उठाया कि एसआईटी की जांच में चढ़ावे की रकम को बिना अनुमति हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आने के बावजूद जांच सिर्फ आठ आरोपियों तक ही क्यों सीमित रही? चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी बनाने के बजाय गवाह क्यों बनाया गया?

कांग्रेस सांसद रमेश ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था की निगरानी और प्रबंधन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच के बिना मामले की पूरी सच्चाई सामने आना मुश्किल है। कांग्रेस महासचिव ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस मामले के तार बीजेपी-आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की पहुंच छोटे किरदारों तक सीमित कर दी गई है और पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय नहीं की गई। रमेश ने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर आए चढ़ावे से जुड़े मामले में जिम्मेदारी तय होने तक इसे खत्म नहीं माना जा सकता।