राज्यसभा में सभापति वैंकेया नायडू का छलका आंसू, बोले- बहुत कष्ट है, रातों की नींद नहीं आती

पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानूनों और बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष के विरोध को वैंकेया नायडू ने बताया लोकतंत्र के खिलाफ, बोले- सदन की पवित्रता नष्ट हुई

Updated: Aug 11, 2021, 05:32 PM IST

राज्यसभा में सभापति वैंकेया नायडू का छलका आंसू, बोले- बहुत कष्ट है, रातों की नींद नहीं आती
Photo Courtesy : oneindia

नई दिल्ली। पेगासस जासूसी कांड, बढ़ती महंगाई और विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ केंद्र सरकार की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। सत्र के आखिरी हफ्ते में भी केंद्र की नीतियों के खिलाफ विपक्ष का जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। विपक्ष के विरोध को लेकर आज राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू भावुक हो गए। सदन में नायडू के आंखों से आंसू छलक गए और उन्होंने कहा कि बहुत कष्ट है मुझे रातों को नींद नहीं आती है।

सभापति ने इस कष्ट और नींद उड़ने का कारण विपक्ष के प्रदर्शन को बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में सांसदों का आचरण देखकर वे रात भर सो नहीं पाए। संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर होता है, इसकी पवित्रता नष्ट की गई है। नायडू ने यह भी कहा की विपक्ष सरकार को मजबूर नहीं कर सकता है। विपक्षी सांसद विरोध कर सकते हैं, लेकिन हमें क्या करना है ये वो नहीं तय कर सकते। मैं बहुत आहत हूँ और अपनी पीड़ा बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।

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मंगलवार को सदन के भीतर विपक्ष के आक्रामक रवैये का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि वे मेज पर बैठ गए और एक सदस्य ने मेज पर चढ़कर रूल बुक आसन की ओर फेंक दी। सभापति ने इसे अभद्रता करार देते हुए कहा कि उन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा पर आसन की ओर रूल बुक उछालने का आरोप है।

उधर विपक्ष का कहना है कि सरकार ने सदन के भीतर पेगासस जासूसी कांड को लेकर चर्चा का मौका नहीं दिया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि केंद्र सरकार राज्यसभा और लोकसभा में पेगासस को लेकर अलग-अलग बात करती रही। रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सूचना प्रसारण मंत्रालय के बयान अलग अलग हैं।