सऊदी अरब में हेलिकॉप्टर और फ्रांस में प्लेन क्रैश, दोनों हादसों में 25 लोगों की मौत
रविवार को फ्रांस और सऊदी अरब में हुए दो अलग-अलग विमान हादसों में कुल 25 लोगों की मौत हो गई।
रविवार को फ्रांस और सऊदी अरब में हुए दो अलग-अलग विमान हादसों में कुल 25 लोगों की जान चली गई। फ्रांस के पूर्वी शहर टॉम्बलेन (Tomblaine) के पास एक स्काईडाइविंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। वहीं, सऊदी अरब के रास तनूरा क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। जिसमें 14 लोगों की जान चली गई। दोनों मामलों में अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
फ्रांस में हादसे का शिकार हुआ विमान एक स्काईडाइविंग स्कूल का बताया जा रहा है। विमान में एक पायलट के अलावा 10 स्काईडाइवर सवार थे। जिनमें पांच छात्र और पांच प्रशिक्षक शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान जमीन पर गिरने से पहले क्षतिग्रस्त हो गया था और फिर लगभग सीधा नीचे आ गिरा।
यह दुर्घटना एक शॉपिंग सेंटर के पास घनी आबादी वाले इलाके में हुई। स्थानीय प्रीफेक्ट यवेस सेगुई ने बताया कि यदि विमान कुछ मीटर इधर-उधर गिरता तो आसपास मौजूद लोगों की भी जान जा सकती थी। हादसे के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की।
सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज भी घटनास्थल का दौरा करने वाले हैं। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए डिपार्टमेंटल ऑपरेशनल सेंटर (COD) सक्रिय कर दिया गया है और सभी राहत एजेंसियों को मौके पर तैनात किया गया है।
दूसरी ओर सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित रास तनूरा में अरामको का हेलीकॉप्टर रविवार सुबह करीब छह बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, सभी मृतक सऊदी नागरिक थे। हादसे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है और संबंधित एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके लिए प्रार्थना की है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
रास तनूरा सऊदी अरब के तेल उद्योग का एक अहम केंद्र माना जाता है और यह क्षेत्र देश के प्रमुख ऊर्जा ढांचे से जुड़ा हुआ है। हाल ही में अरामको ने लगभग चार महीने तक बंद रहने के बाद इसी क्षेत्र स्थित रास तनूरा टर्मिनल से कच्चे तेल की लोडिंग दोबारा शुरू की थी।
अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में शामिल है और इसका स्वामित्व सऊदी सरकार के पास है। साल 1933 में स्थापित कंपनी 1980 में पूरी तरह सऊदी सरकार के नियंत्रण में आ गई थी। धहरान स्थित मुख्यालय वाली यह कंपनी दुनिया के सबसे बड़े पारंपरिक तेल क्षेत्र गवार का संचालन करती है। कच्चे तेल के उत्पादन के अलावा अरामको रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी काम करती है। हाल के वर्षों में कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर जैसी आधुनिक तकनीकों में भी निवेश बढ़ा रही है।




