MP कांग्रेस के सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग, दिल्ली में समीक्षा बैठक के बाद फैसला, नए सिरे से होगा पुनर्गठन
दतिया उपचुनाव में जीत के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर के सभी विभागों और प्रकोष्ठों को भंग कर दिया है। यह फैसला दिल्ली में हुई बैठक के बाद लिया गया, जिससे अब पार्टी में व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन का रास्ता साफ हो गया है।
भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने बुधवार को प्रदेश संगठन के सभी विभागों और प्रकोष्ठों की प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर तक की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। इस फैसले के साथ ही कांग्रेस में व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कांग्रेस के इस बड़े निर्णय को मंगलवार को दिल्ली में हुई बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में मध्य प्रदेश में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने, जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी का ढांचा तैयार करने को लेकर मंथन हुआ था। इसके बाद सभी विभागों और प्रकोष्ठों की मौजूदा इकाइयों को भंग करने का निर्णय लिया गया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। इसमें प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों और प्रकोष्ठों की प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर तक गठित इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी के इस कदम से अब संगठन के विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों में नए सिरे से पदाधिकारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
मीडिया सूत्रों के अनुसार पार्टी ने पिछले साल अगस्त में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों के काम का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया है। इसके आधार पर कुछ जिलाध्यक्षों की भी छुट्टी की जाएगी। जिलाध्यक्षों के कामकाज को A, B, C और D चार श्रेणियों में बांटा गया है। D-ग्रेड यानी सबसे खराब परफॉर्मेंस वाले करीब आधा दर्जन जिलाध्यक्षों को पद से हटाने पर दिल्ली की बैठक में सहमति बन गई है। इनके निष्कासन के आदेश कभी भी जारी हो सकते हैं।




