CG: सूरजपुर में कोल परियोजना पर बवाल, ग्रामीणों ने पुलिस को पीटा, DSP समेत 15 जवान घायल

सूरजपुर (मदननगर) में प्रस्तावित कोयला खदान के सीमांकन को लेकर शुक्रवार को भयानक हिंसा भड़क गई। उग्र ग्रामीणों के पथराव में एक DSP सहित 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

Updated: Jul 24, 2026, 03:22 PM IST

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र स्थित मदननगर में प्रस्तावित कोयला परियोजना के लिए भूमि सीमांकन को लेकर शुक्रवार को बड़ा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। सीमांकन की प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव इतना बढ़ गया कि पथराव और हिंसा में एक डीएसपी सहित करीब 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उग्र भीड़ ने पुलिस की पांच बसों समेत कई सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मदननगर को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, मदननगर और आसपास के गांवों में प्रस्तावित कोयला खदान का लंबे समय से विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना लागू होने से उनकी कृषि भूमि, जंगल और आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। शुक्रवार को भूमि सीमांकन की कार्रवाई शुरू होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान हालात बिगड़ गए और पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए।

यह भी पढ़ें:बच्चों के जख्मों पर मरहम लगाइए, नमक नहीं, जंतर-मंतर लाठीचार्ज की रजा मुराद ने की निंदा

घटना को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि उसकी टीम हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर मामलों में नामजद आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया जिससे कई जवान घायल हो गए। हालांकि, घटनास्थल पर कलेक्टर समेत राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस भूमि सीमांकन की कार्रवाई को सुरक्षा देने के लिए पहुंची थी। फिलहाल कलेक्टर या राजस्व विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस की पांच बसों और अन्य सरकारी वाहनों को निशाना बनाते हुए जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने पूरे सरगुजा संभाग से 400 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों को मदननगर भेजा है। मौके पर वाटर कैनन और आंसू गैस के इंतजाम भी किए गए हैं ताकि हालात पर नियंत्रण रखा जा सके।

यह भी पढ़ें:MP: सरकारी गोदाम से 35 लाख के किताब गायब, जांच टीम के पहुंचने से पहले लगी आग

घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार इलाके में कैंप कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फिलहाल मदननगर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है जबकि प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। भूमि सीमांकन और कोयला परियोजना को लेकर आगे क्या फैसला होगा  इस पर सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।