रीवा में भूमि पूजन के दौरान भिड़े BJP के पूर्व और वर्तमान MLA, शिलापट्टिका से नाम हटाने पर मचा बवाल

रीवा के त्योंथर में तहसील भूमि पूजन के दौरान पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी और विधायक सिद्धार्थ तिवारी के बीच शिलापट्टिका विवाद हुआ।

Updated: Oct 16, 2026, 11:55 AM IST

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के त्योंथर में नई तहसील के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान भाजपा के दो नेताओं के बीच विवाद हो गया। पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी पर शिलापट्टिका से अपना नाम हटवाने का आरोप लगाया। देखते ही देखते दोनों नेताओं के समर्थक आमने-सामने आ गए और कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी व धक्का-मुक्की होने लगी। स्थिति संभालने के लिए भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने हस्तक्षेप किया और पूर्व विधायक को शांत कराने की कोशिश की।

घटना गुरुवार को त्योंथर तहसील कार्यालय में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में विधायक सिद्धार्थ तिवारी और सांसद जनार्दन मिश्रा पुरोहित के मंत्रोच्चार के बीच पूजा कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी वहां पहुंचे और शिलापट्टिका पर अपना नाम नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई।

श्यामलाल द्विवेदी ने कार्यक्रम के दौरान आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके नाम की शिलापट्टिका पहले ही तैयार हो चुकी थी लेकिन उसे बदलवा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने जानबूझकर उनका नाम हटवाया और इस संबंध में तहसीलदार को फोन भी किया।

पूर्व विधायक ने विधायक को संबोधित करते हुए कहा कि वह अभी नए नए विधायक बने हैं और उनके इस कदम को याद रखा जाएगा। द्विवेदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि कोई कार्यकर्ता उनसे अपमानित होने की शिकायत करता है तो वह अपनी जिह्वा काटकर फेंक देंगे।

उनकी नाराजगी के बाद समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके जवाब में विधायक सिद्धार्थ तिवारी के समर्थक भी नारे लगाने लगे। माहौल बिगड़ने के साथ ही दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

विवाद बढ़ता देख सांसद जनार्दन मिश्रा अपनी जगह से उठकर पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी के पास पहुंचे। उन्होंने उन्हें मनाने और शांत करने की कोशिश की। इस दौरान सांसद पूर्व विधायक का हाथ पकड़कर उन्हें समझाते नजर आए लेकिन द्विवेदी ने पहले पूजन स्थल और फिर मंच से अपनी नाराजगी जाहिर करना जारी रखा।

विवाद को लेकर विधायक सिद्धार्थ तिवारी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने इसे भाजपा का आंतरिक मामला बताया। उनका कहना था कि बड़े परिवारों में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं। उन्होंने इस विषय पर विस्तार से टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, श्यामलाल द्विवेदी ने शिलापट्टिका से नाम हटाए जाने को अपने सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया और कहा कि वह इस कथित अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद त्योंथर में भाजपा के भीतर स्थानीय राजनीतिक संबंधों और वर्चस्व को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी और वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी के समर्थकों के बीच हुआ टकराव नेताओं के बीच मतभेदों को सार्वजनिक रूप से सामने ले आया।