सत्य और नीति के मार्ग पर चलना ही राघौ जी की सच्ची सेवा, चाचौड़ा होते हुए बीनागंज पहुंची सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा
जयवर्धन सिंह ने राघौगढ़ रियासत का ध्येय वाक्य 'सत बीसूत नीति अंश, राघव सेवक अग्नि वंश' का उल्लेख करते हुए कहा कि जो सत्य और नीति के मार्ग पर चलेगा, वही भगवान श्री राघौ जी महाराज का सच्चा सेवक कहलाएगा।
गुना। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। सोमवार को यात्रा में राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह और महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा भी पदयात्रियों के साथ शामिल रहे। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। सोमवार शाम पदयात्रा चाचौड़ा नगर होते हुए बीनागंज पहुंची, जहां यात्रा का रात्रि विश्राम निर्धारित है।
सोमवार सुबह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पदयात्रा गुना जिले के नयापुरा जोड़ से प्रारंभ हुई। यात्रा ग्राम कालापीपल, नेशकलां, कुंडालिया, मेरियाखेड़ी खुर्द, आमासेर, गुंजारी और नाईपुरिया पोलास होते हुए आगे बढ़ी। दोपहर में भोजन एवं विश्राम के बाद यात्रा पुनः प्रारंभ हुई। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने दुंदाला स्थित गणेश जी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद पदयात्रा चाचौड़ा नगर और बीनागंज पहुंची। यहां रैंबल पैलेस गार्डन में यात्रा के रात्रि विश्राम एवं भोजन की व्यवस्था की गई है।
यात्रा के दौरान जयवर्धन सिंह ने अपने पिता की संकल्प शक्ति और लंबी पदयात्राओं के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भगवान श्री राघौ जी महाराज की कृपा एवं आशीर्वाद ही है कि उनके पिता ने 71 वर्ष की आयु में पैदल नर्मदा परिक्रमा की, 76 वर्ष की आयु में राहुल गांधी के साथ कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4000 किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा की और अब 79 वर्ष की आयु में शिवधाम उज्जैन से रामधाम अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा कर रहे हैं। 
जयवर्धन सिंह ने राघौगढ़ रियासत का ध्येय वाक्य 'सत बीसूत नीति अंश, राघव सेवक अग्नि वंश' का उल्लेख करते हुए कहा कि जो सत्य और नीति के मार्ग पर चलेगा, वही भगवान श्री राघौ जी महाराज का सच्चा सेवक कहलाएगा। इसी पावन ध्येय वाक्य और सत्य सनातन के स्वाभिमान का संकल्प लेकर “सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा” निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल प्रत्येक पदयात्री का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन किया और भगवान श्री राघौ जी महाराज से प्रार्थना की कि सत्य, धर्म और सनातन के स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का यह संकल्प अवश्य सिद्ध हो।
दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उज्जैन से शुरू हुई 1 हजार किमी की इस सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, न्याय, करुणा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के पारदर्शी उपयोग की मांग उठाना है। दिग्विजय सिंह इस यात्रा के माध्यम से चंदा चोरी और वोट चोरी के मामलों में निष्पक्ष जांच एवं जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं।




