BJP विधायक संजय पाठक को हाईकोर्ट से झटका, रिकवरी नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

संजय पाठक से जुड़ी पार्टनरशिप फर्म मेसर्स पैसिफिक एक्सपोर्ट ने रिकवरी नोटिस को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की थी। कोर्ट ने समय से पहले रिट लगाने की बात कहकर याचिका खारिज की।

Updated: Oct 17, 2026, 03:39 PM IST

जबलपुर। मध्य प्रदेश के विजय राघवगढ़ से बीजेपी विधायक संजय पाठक की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। भाजपा विधायक को एक बार फिर जबलपुर हाईकोर्ट से झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने पाठक के फर्मों के विरुद्ध जारी रिकवरी नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसे मामलों में कलेक्टर को कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। याचिकाकर्ता को कलेक्टर के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए। मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की बेंच में हुई। 

यह पूरा मामला जबलपुर के सिहोरा तहसील के ग्राम झींथी स्थित आयरन और माइनिंग का है। याचिका में संजय पाठक के फर्मों पर 10,89,860 मीट्रिक टन अतिरिक्त उत्खनन के आरोप लगे थे। इसमें लगभग 81.73 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस जारी हुआ था। 

संजय पाठक से जुड़ी पार्टनरशिप फर्म मेसर्स पैसिफिक एक्सपोर्ट ने रिकवरी नोटिस को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की थी। कोर्ट ने समय से पहले रिट लगाने की बात कहकर याचिका खारिज की। अदालत ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर के स्तर पर अभी केवल कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। अभी तक खनन कारोबारी पर कोई अंतिम देयता (liability) तय नहीं हुई है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से जुड़े मामले में कार्रवाई करने का अधिकार कलेक्टर को है। फर्म अपना पक्ष कलेक्टर के समक्ष रख सकती है। कोर्ट ने कलेक्टर को चार महीने के भीतर मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले 8 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इसी मामले से संबंधित आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन की याचिका भी खारिज कर दी थी।