भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरुद्ध प्रदर्शन, व्यापारियों ने दी आत्मदाह की चेतावनी

आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने शहरभर में व्यापारियों को नोटिस दिया। इसके विरुद्ध व्यापारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

Updated: Aug 18, 2026, 06:11 PM IST

भोपाल। आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर में सर्वे और नोटिस की कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 6,589 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार तक 5,778 नोटिस दिए गए थे, जबकि सोमवार को 811 और नोटिस जारी किए गए। इसके विरुद्ध अब भोपाल के व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है।

नगर निगम की इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। करीब पौने दो घंटे चले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। महिलाएं भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुईं। व्यापारियों ने कहा कि रहवासी इलाकों में वर्षों से कारोबार संचालित हो रहे हैं, ऐसे में अचानक सीलिंग की कार्रवाई से दुकानदारों के साथ कर्मचारी और उन पर निर्भर परिवार भी प्रभावित होंगे। 

व्यापारियों ने सरकार से भोपाल का मास्टर प्लान जल्द लागू करने, मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान करने और गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून-2022 लागू करने की मांग की। व्यापारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी देने के बाद अपना धरना समाप्त किया। 

इस कार्रवाई के विरोध में ब्यूटिशियन भी सड़क पर उतर आईं। उन्होंने सड़क पर ही मेकअप कर अपना विरोध जताया। उनका कहना था कि आवासीय भवनों में कमर्शियल गतिविधियां बंद कराई गईं तो ब्यूटी पार्लर और ऐसे छोटे कारोबारों से जुड़े लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से कारोबार बचाने के लिए उचित समाधान निकालने की मांग की।

मामले पर भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि सरकार लाखों लोगों को बेरोजगार नहीं कर सकती। उनका कहना है कि इन कारोबारों से बड़ी संख्या में कर्मचारी और परिवार जुड़े हैं। सरकार को सीलिंग की कार्रवाई के बजाय ऐसा व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए, जिससे नियमों का पालन भी हो और लोगों का रोजगार भी बचा रहे। उधर, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भोपाल के व्यापारियों के साथ अभी बैठक करेंगे और उनकी बात सुनेंगे।