CG: कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत और सिंगर नेहा राठौर के खिलाफ FIR, BJP नेता का पुराना वीडियो शेयर करने का आरोप

कुरूद से BJP विधायक अजय चंद्राकर का BJP का झंडा फहराते पुराना वीडियो 15 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में यह FIR हुई है।

Updated: Aug 18, 2026, 12:55 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायक अजय चंद्राकार का पुराना वीडियो स्वतंत्रता दिवस पर पोस्ट करने के मामले में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें बढ़ सकती है। भाजपा प्रवक्ता ने उनके खिलाफ धमतरी जिले के सिविल लाइंस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई है। बाद में मामले को आगे की जांच के लिए धमतरी सिटी कोतवाली थाने भेज दिया, क्योंकि इसी मामले से संबंधित एक प्राथमिकी यहां पहले से दर्ज है।

दरअसल, धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर का एक पुराना वीडियो 15 अगस्त के दिन शेयर किया जा रहा था, जिसमें वह भाजपा का झंडा फहरा रहे हैं, लेकिन यह वीडियो मार्च को आयोजित भाजपा प्रशिक्षण कार्यशाला का था। उस दिन पोस्ट करते हुए बताया गया कि भाजपा विधायक ने स्वतंत्रता दिवस पर भाजपा का झंडा फहराया है, लेकिन यह वीडियो पुराना था। जबकि, विधायक ने स्वतंत्रता दिवस के दिन तिरंगा फहराया था, जिसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद भी शेयर किया था।

इसको लेकर उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के कई वीडियो भी अपलोड किए और बताया था कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराया था। वहीं, भाजपा झंडा वाला उनका पुराना वीडियो है। विधायक ने आरोप लगाया कि उनका वीडियो कांग्रेस पार्टी के एक्स अकाउंट से भी शेयर किया गया। वहीं, अब भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक की शिकायत पर मामले में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। 

इसमें कांग्रेस की सोशल मीडिया एवं डिजिटल मंच की अध्यक्ष श्रीनेत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर और सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स' खाते ‘जेन जी ऑफ इंडिया' का नाम शामिल है। पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार, धमतरी जिले के कुरुद कस्बे में मार्च 2026 को आयोजित भाजपा के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दृश्यों के रूप में पेश किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन पोस्ट के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि भाजपा के प्रतिनिधियों ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज के बजाय पार्टी का झंडा फहराया था।