जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन, दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, बंगाल से 2 हजार CRPF जवान एयरलिफ्ट किए गए
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद से संसद से जंतर मंतर तक भारी हंगामा देखने को मिल रहा है, इस बीच DMRC ने बताया कि दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।
नई दिल्ली। पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर संसद में बुधवार को भी तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष के हंगामे के बीच संसद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सरकार ने दूसरी बार बातचीत की पेशकश की है। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
उधर, सुरक्षा के कारणों से दिल्ली के 16 मेट्रों स्टेशन बंद कर दिए गए है। DMRC ने बताया कि दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यानी इन स्टेशनों पर यात्री मेट्रो ट्रेन बदल सकते हैं। लेकिन यहां से बाहर नहीं निकल सकते।
इधर दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा पर अलग-अलग थानों में 10 FIR दर्ज की हैं। प्रदर्शनकारियों पर RAF जवानों पर जानलेवा हमला, पथराव, तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ये सभी FIR वापस लेने की मांग कर रही है। कांग्रेस के सभी सांसद बुधवार को काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को NEET विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इस मामले में पद पर ना बने रहने की उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है। एक CRPF कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2000 जवानों को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एयरलिफ्ट कर लाया जा रहा है।
इन कंपनियों को संसद का मानसून सत्र और दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। इससे पहले भी केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस की मदद के लिए करीब 30 कंपनियां CRPF और उसकी दंगा-रोधी इकाई RAF की तैनाती कर चुकी है। ये बल 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं।




