MP: ग्वारीघाट में नर्मदा के बीच डूबी होमगार्ड की मोटरबोट, क्षमता से दोगुने जवान सवार थे

जबलपुर के ग्वारीघाट में शुक्रवार को नर्मदा नदी में पेट्रोलिंग कर रही होमगार्ड की मोटरबोट इंजन खराब होने के बाद डूब गई। बोट में करीब 8 जवान सवार थे जबकि क्षमता 4 लोगों की थी।

Updated: Sep 04, 2026, 10:38 PM IST

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित ग्वारीघाट में शुक्रवार को नर्मदा नदी में पेट्रोलिंग कर रही होमगार्ड की मोटरबोट अचानक डूब गई। नाव में करीब 8 जवान सवार थे। जबकि, उसकी निर्धारित क्षमता सिर्फ 4 लोगों की बताई गई है। इंजन में खराबी आने के बाद बोट में पानी भरने लगा था। राहत की बात यह रही कि सभी जवान सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

यह घटना उस समय हुई जब बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया था। इसी के तहत होमगार्ड की टीम को ग्वारीघाट क्षेत्र में पेट्रोलिंग के लिए तैनात किया गया था। नदी के बीच तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंचने के दौरान मोटरबोट के इंजन में अचानक खराबी आ गई। कुछ ही देर में नाव में पानी भरने लगा और वह डूबने लगी।

बोट के संकट में आने के बाद जवानों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ जवानों ने तैरकर किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाई। जबकि, अन्य को आसपास मौजूद स्थानीय नाविकों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी जवान लाइफ जैकेट पहने हुए थे। जिससे उन्हें बचाने में मदद मिली।

होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ठाकुर के मुताबिक, सभी जवान ड्यूटी पर थे और बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण घाटों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। पेट्रोलिंग के दौरान नदी के बीच इंजन में खराबी आने से बोट डूब गई। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मोटरबोट में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक जवान मौजूद थे।

ग्वारीघाट थाना प्रभारी के अनुसार, हादसे के समय मोटरबोट भानु नामक होमगार्ड जवान चला रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बोट की क्षमता 4 लोगों की थी। जबकि, उसमें करीब 8 जवान सवार थे। इस तरह निर्धारित क्षमता से लगभग दोगुने लोग नाव में मौजूद थे।

स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि मोटरबोट में 10 से 11 लोग सवार थे। इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों ने इसी विरोधाभास समेत हादसे के अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिक जांच में चालक की गलती की बात भी सामने आई है। अधिकारियों ने चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेट्रोलिंग के दौरान क्षमता से अधिक जवान मोटरबोट में क्यों सवार थे और इंजन खराब होने के बाद सुरक्षा के लिए उपलब्ध व्यवस्थाएं पर्याप्त थी या नहीं।

होमगार्ड अधिकारियों ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मोटरबोट में तय क्षमता से अधिक जवानों को सवार कराने और पेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन में किस स्तर पर लापरवाही हुई।