ग्वालियर में हत्या के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ यादव के पैर में मारी गोली

पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड के आरोपी तिघरा की ओर से पुरानी छावनी की तरफ जाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

Updated: Sep 01, 2026, 12:09 PM IST

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मर्डर के आरोपी को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। ग्वालियर के बहोड़ापुर के आनंद नगर में डिलीवरी बॉय विवेक मीणा की हत्या के मामले में मंगलवार तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। शंकरपुर स्टेडियम के पास सुबह करीब 3.15 बजे हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी सौरभ यादव के घुटने के नीचे पैर में गोली लगी।

पुलिस ने इस दौरान उसके साथी राहुल किरार को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीसरा आरोपी लाला अग्रवाल अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। गोली लगने के बाद सौरभ यादव को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर है। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड के आरोपी तिघरा की ओर से पुरानी छावनी की तरफ जाने की कोशिश कर रहे हैं। तीनों 3 से 4 बजे के बीच बाइक से निकले थे और धौलपुर व आगरा जाने की फिराक में थे। उन्हें लगता था कि राज्य की सीमा बदलने के बाद पुलिस उनके खिलाफ ज्यादा कार्रवाई नहीं कर पाएगी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने शंकरपुर स्टेडियम के पास नाकाबंदी की। बाइक सवार बदमाशों को देखते ही पुलिस ने बैरकेड्स लगा दिए। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में 4 से 5 गोलियां चलाईं। एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देशन में आरोपियों की तलाश के लिए 6 विशेष टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया और भोपाल में दबिश दी थी।

जनकगंज निवासी विवेक मीणा ऑनलाइन डिलीवरी बॉय था। 27 अगस्त की रात वह बहोड़ापुर के आनंद नगर में डिलीवरी देने के बाद मोमोज खाने के लिए रुका था। शाम करीब 7.15 बजे सौरभ यादव, राहुल किरार और लाला अग्रवाल बाइक से वहां पहुंचे।

तीनों ने मोमोज खाए, लेकिन पैसे देने को लेकर ठेला वाले से बहस करने लगे। विवेक ने बीच-बचाव करते हुए उन्हें टोक दिया। यह बात बाइक सवारों को पसंद नहीं आई। इसके बाद सौरभ यादव ने विवेक के सिर में गोली मार दी। बदमाश भाग गए और विवेक वहीं गिर पड़ा। घटना का 51 सेकेंड का CCTV फुटेज भी सामने आया था, जिसमें बदमाश विवेक को गोली मारते हुए साफ नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर गिरफ्तारी का दबाव था।