Farmer Protest Live Update: राकेश टिकैत का बड़ा एलान, पूरे देश की यात्रा करके आंदोलन का विस्तार करेंगे

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों ने देश के कई इलाक़ों में किया चक्काजाम, पंजाब, हरियाणा से लेकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक तक अन्नदाताओं ने उठाई अपनी आवाज़

Updated: Feb 06, 2021 07:26 PM IST

Live Updates

राजस्थान में कई जगह हुआ चक्का जाम, सड़कों पर बैठे किसान

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों की अपील पर राजस्थान में भी कई जगहों पर चक्का जाम किया गया। राज्य के गंगानगर, हनुमानगढ़, धौलपुर और झालावाड़ सहित अनेक इलाकों में किसानों द्वारा चक्काजाम किए जाने की खबरें आई हैं। राज्य में किसानों के इस चक्काजाम को विभिन्न किसान संगठनों के साथ-साथ कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। 

कर्नाटक में भी किसानों के चक्काजाम आंदोलन का असर, 30 किसान हिरासत में लिए गए

किसानों के चक्काजाम आंदोलन का असर सिर्फ उत्तर ही नहीं, दक्षिण भारत तक नज़र आ रहा है। कर्नाटक में भी किसानों ने जगह-जगह चक्काजाम किया। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कर्नाटक की बीजेपी सरकार की पुलिस ने चक्काजाम में शामिल कम से कम 30 किसानों को गिरफ्तार भी किया है। 

किसान नेता राकेश टिकैत का एलान, पूरे देश की यात्रा करके आंदोलन का विस्तार करेंगे

किसान नेता राकेश टिकैत का एलान, पूरे देश की यात्रा करके आंदोलन का विस्तार करेंगे

Photo Courtesy: Twitter/ANI

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार को चाहिए कि वो फौरन कृषि क़ानूनों को वापस ले और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के लिए कानून बनाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि सरकार हमारी मांगें मानेगी तो किसान नेता पूरे देश में यात्राएं करके किसानों को जागरूक करेंगे और आंदोलन को पूरे देश में फैलाया जाएगा। 

 

 

छत्तीसगढ़ में भी चक्काजाम, किसानों ने रोका नेशनल हाइवे 53

छत्तीसगढ़ में भी किसानों ने चक्काजाम किया। रायपुर के पास नेशनल हाइवे 53 पर किसानों ने तीन घंटे तक चक्काजाम लगाया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। तिरंगा झंडा लिए किसानों ने चक्काजाम के दौरान मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी है, इसीलिए इतने विरोध के बावजूद तीनों विवादित कृषि कानून वापस लेने को तैयार नहीं है। 

उज्जैन में कांग्रेस ने किया चक्काजाम, सड़क पर चूल्हा बनाकर रोटी भी पकाई

उज्जैन में कांग्रेस ने किया चक्काजाम, सड़क पर चूल्हा बनाकर रोटी भी पकाई

Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

मध्य प्रदेश के उज्जैन में चक्काजाम का असर नज़र आया। यहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही चूल्हा बनाकर रोटी पकाई। उज्जैन के आगर नाका चौराहे पर कांग्रेस ने भी चक्काजाम किया। 

किसानों ने मध्य प्रदेश में भी जगह-जगह किया चक्काजाम

किसानों ने मध्य प्रदेश में भी जगह-जगह किया चक्काजाम

Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

किसानों के चक्काजाम का असर मध्य प्रदेश में भी कई जगहों पर नज़र आ रहा है। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में चक्काजाम किया गया। कई जगहों पर किसानों ने सरकारी अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे।

हरियाणा में कांग्रेस ने भी किसानों के समर्थन में किया चक्काजाम

हरियाणा में कांग्रेस ने भी किसानों के समर्थन में किया चक्काजाम

Photo Courtesy: Twitter

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने भी हरियाणा में कई जगह चक्काजाम किया। कांग्रेस ने किसानों के आंदोलन का पूर्ण समर्थन करने का एलान किया है। अब तक आई खबरों के मुताबिक किसानों के चक्काजाम का हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। 

 

 

दिल्ली में 10 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्ज़िट गेट बंद

दिल्ली में 10 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्ज़िट गेट बंद

Photo Courtesy: Times Of India

अभी-अभी खबर आ रही है कि किसानों के चक्काजाम आंदोलन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के दस मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्ज़िट गेट बंद कर दिए गए हैं। 

किसानों ने पंजाब, हरियाणा में तमाम राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाइवे जाम किए

चक्का जाम के एलान के तहत किसानों ने पंजाब और हरियाणा में तमाम राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाइवे जाम कर दिए हैं। किसान संगठनों ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्काजाम का एलान किया है। किसान मोदी सरकार के लाए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। 

इन मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद किए गए हैं

दिल्ली में जिन मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्ज़िट गेट बंद किए गए हैं, उनमें लाल क़िला, जामा मस्जिद, आईटीओ, दिल्ली गेट, मंडी हाउस, जनपथ, खान मार्केट, नेहरू प्लेस, केंद्रीय सचिवालय और विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह पूरे देश के हित में है : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों के आंदोलन को पूरा समर्थन देने का एलान करते हुए कहा है कि अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है। राहुल ने ट्विटर पर लिखी अपनी टिप्पणी में कहा है कि मोदी सरकार के बनाए तीनों कृषि कानून सिर्फ़ किसान-मज़दूर के लिए ही नहीं, पूरे देश के लिए घातक हैं।

 

 

 

ज़िले और तहसील के अधिकारियों को ज्ञापन देंगे यूपी, उत्तराखंड के किसान

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान चक्काजाम करने की बजाय अपने तहसील और जिला मुख्यालयों पर जाकर अधिकारियों को ज्ञापन देंगे। हालाँकि क़रीब एक लाख किसान हर वक़्त स्टैंडबाई पर रहेंगे।

ज़रूरत पड़ने पर बंद किए जा सकते हैं कुछ मेट्रो स्टेशन

दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो सेवा को भी आज अलर्ट पर रखा गया है। बताया जा रहा है कि ज़रूरत पड़ने पर कई मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बेहद कम नोटिस पर बंद किए जा सकते हैं। हालांकि किसानों ने दिल्ली-एनसीआर में चक्काजाम नहीं करने का एलान किया है, फिर पुलिस-प्रशासन एहतियात के तौर पर बेहद सतर्कता बरत रहा है। खबर है कि पुलिस ने दिल्ली के 12 मेट्रो स्टेशन को अलर्ट जारी किया है। इन स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट पर सुरक्षाबल भी तैनात किए गए हैं। 

कांग्रेस ने किया चक्काजाम का समर्थन

कांग्रेस पार्टी ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के चक्काजाम का समर्थन किया है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है और नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ उनके आंदोलन का पूरा समर्थन कर रही है।

दोपहर 12 से 3 बजे तक किसानों का चक्काजाम

दोपहर 12 से 3 बजे तक किसानों का चक्काजाम

Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

मोदी सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने आज देश भर में चक्काजाम का एलान किया है। ये चक्काजाम दोपहर 12 से 3 बजे तक रहेगा। लेकिन दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में रास्ते नहीं रोके जाएँगे। किसान नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को एलान किया कि इन राज्यों में चक्काजाम नहीं करने का फ़ैसला खेतों में गन्ने की कटाई का वक़्त होने की वजह से किया गया है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि यूपी और उत्तराखंड में किसान स्टैंडबाई पर रहेंगे। अगर ज़रूरत पड़ी तो वो किसी भी वक़्त आंदोलन में शामिल हो जाएँगे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि उन्हें पता चला कि कुछ लोग चक्का जाम के दौरान हिंसा फैलाने की कोशिश करने वाले हैं। हमारे पास इसकी पक्की रिपोर्ट थी। इसीलिए हमने जनहित में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को चक्का जाम से अलग रखा है।

दिल्ली-एनसीआर में चक्काजाम नहीं होने के बावजूद कड़े सुरक्षा इंतज़ाम

किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तराखंड में आज चक्काजाम नहीं किया जाएगा। फिर भी दिल्ली-एनसीआर में भारी सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। खबरों के मुताबिक यहां 50 हज़ार जवानों को तैनात किया गया है। दिल्ली की सीमाओं पर बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग और बाड़बंदी तो पहले से ही की जा चुकी है। खबर है कि दिल्ली-एनसीआर में पहले से लगाई गई CRPF की 31 कंपनियों की तैनाती और दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस भी हाई अलर्ट पर है।

कृषि क़ानूनों और सरकार के रवैये से किसान नाराज़

आंदोलन में शामिल 40 किसान संगठन तीनों नए क्काजाम कृषि क़ानूनों की वापसी और एमएसपी की क़ानूनी गारंटी दिए जाने की माँग तो पहले से ही करते आ रहे हैं, लेकिन आज के चक्काजाम को उन्होंने कुछ और मुद्दों से भी जोड़ा है। किसान इस चक्काजाम के ज़रिए दिल्ली बॉर्डर पर किसानों की धरने वाली जगहों की बाड़बंदी और इंटरनेट ठप किए जाने से भी जोड़ रहे हैं। साथ ही हाल ही में पेश बजट में किसानों की अनदेखी किए जाने का आरोप भी किसान नेता लगा रहे हैं। इसके अलावा 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली के बाद कई निर्दोष किसानों की गिरफ़्तारी और उनके ट्रैक्टर जब्त किए जाने का विरोध भी किसान इस चक्काजाम के ज़रिए करना चाहते हैं।