तहलका के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल को रेप केस में 10 साल की सजा, दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश

सज़ा सुनाए जाने से पहले मीडिया से बातचीत में तरुण तेजपाल ने कहा है कि वो इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि तहलका मैगज़ीन की वजह से उनसे राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है।

Updated: Aug 06, 2026, 03:38 PM IST

मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार को रेप केस में तहलका मैगज़ीन के एडिटर-इन-चीफ़ रहे तरुण तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल जेल की सज़ा सुनाई है। नवंबर 2013 में तरुण तेजपाल के ख़िलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया था। सेशन कोर्ट से साल 2021 में तेजपाल को बरी किए जाने के फ़ैसले को अब हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है।

सज़ा सुनाए जाने से पहले मीडिया से बातचीत में तरुण तेजपाल ने कहा है कि वो इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि तहलका मैगज़ीन की वजह से उनसे राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'ट्रायल कोर्ट में साढ़े सात साल केस लड़कर हम लोग बरी हुए थे। अब ये लोग फिर पीछे पड़ गए हैं। इनके साथ जो भी लोग हैं वो उन्हें बरी कर देते हैं और इनके ख़िलाफ़ जिन्होंने कभी भी पत्रकारिता की हो वो उनके पीछे पड़े रहते हैं।'

बता दें कि फ़ैसला सुनाए जाने के समय तरुण तेजपाल भी अदालत में मौजूद थे। इससे पहले मई 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में तेजपाल को बरी कर दिया था। यह मामला नवंबर 2013 का है। तहलका की महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि गोवा में आयोजित थिंक फेस्ट के दौरान 7 और 8 नवंबर की रात होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने दो बार उनका यौन उत्पीड़न किया।

महिला पत्रकार ने सबसे पहले तहलका की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी को ई-मेल भेजकर शिकायत की। इसमें उन्होंने लिखित माफी, पूरे स्टाफ के सामने घटना स्वीकार करने और आंतरिक यौन उत्पीड़न शिकायत समिति (ICC) गठित करने की मांग की थी। मामला सार्वजनिक होने के बाद गोवा पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर FIR दर्ज की और जांच शुरू की। जांच में CCTV फुटेज, ई-मेल और गवाहों के बयान समेत अन्य साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद तेजपाल की गिरफ्तारी हुई।