MP की सबसे बड़ी साइबर ठगी का BJP कनेक्शन, CA से 21 करोड़ की ठगी मामले में भाजपा नेता गिरफ्तार

मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मामले में आरोपी के खाते में 50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

Updated: Aug 06, 2026, 06:39 PM IST

ग्वालियर। ग्वालियर में सामने आए मध्य प्रदेश के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामले में राज्य साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 21 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम के इस ठगी मामले का बीजेपी कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस ने छानबीन के बाद शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपए आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। फिलहाल पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

राज्य साइबर पुलिस के अनुसार पीड़ित ग्वालियर निवासी 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय हैं। उन्हें दिसंबर 2025 में एक महिला ने फोन कर दोस्ती की और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। करीब 218 दिनों तक भरोसे में लेने के बाद उनसे अलग-अलग बैंक खातों में 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए जमा करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालनी चाही तो उनसे और पैसे मांगे गए। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ठगी की रकम का 50 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन शाजापुर निवासी जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में हुआ था। इसके बाद रकम कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर ग्वालियर लाई और कोर्ट से रिमांड लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में म्यूल अकाउंट्स के जरिए काम करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी मिली है। इसी आधार पर साइबर पुलिस की टीमें कर्नाटक और तमिलनाडु रवाना की गई हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ित ने कुल 76 बैंक खातों में 106 बार ट्रांजेक्शन किए थे। इसके बाद रकम 15 अलग-अलग लेयर से गुजरते हुए 20 हजार से अधिक बैंक खातों तक पहुंची। शुरुआती जांच में करीब 35 प्रतिशत राशि दक्षिण भारत के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली है।

आरोपी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है और भाजपा से जुड़ा होने के साथ एक सामाजिक संगठन में प्रदेश स्तर का पदाधिकारी भी बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक उसके बैंक खाते में ढाई करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसका बैंक खाता अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हाल ही में बैंकॉक, थाईलैंड की यात्रा कर चुका है।

इस मामले में राज्य साइबर के निरीक्षक मुकेश नारोलिया, ने बताया कि प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मामले में आरोपी के खाते में 50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। राज्य साइबर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और म्यूल अकाउंट्स की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।