छात्रों की पिटाई के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों को प्रधान ने नहीं पीटा है, बल्कि इसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं।

Updated: Jul 21, 2026, 04:56 PM IST

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।

राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि वह घायल छात्रों से मिलने जाएंगे। इससे पहले, उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और कहा कि हम चर्चा चाहते हैं। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें सरकार से पूछना पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे शब्दों में, लोकसभा अध्यक्ष कह रहे हैं कि संसद में बहस कराने के लिए उन्हें सरकार की अनुमति चाहिए। यह मुद्दा छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।"

राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट और बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार ‘‘पूरी तरह गैर-भारतीय’’ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल हुई घटना के लिए अब तक माफी तक नहीं मांगी है।

राहुल गांधी ने कहा कि ये युवा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पूरा देश जानता है कि शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली ‘‘चरमरा चुकी है’’। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली को ‘‘दीमकों ने खोखला कर दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘छात्र केवल यही कह रहे हैं कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को ठीक किया जाए। देश के युवाओं के साथ इस तरह व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है।"

राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के लिए अवसर नहीं हैं और उनके सामने सभी दरवाजे बंद हैं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं का दरवाजा खुला था, लेकिन यह व्यवस्था भी ‘‘बर्बाद’’ कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायत केवल शिक्षा प्रणाली को लेकर नहीं है, बल्कि उनके भविष्य को लेकर भी है। राहुल गांधी के अनुसार, छात्रों को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पर ‘‘अंबानी और अडानी तथा आरएसएस का पूरी तरह कब्जा’’ हो गया है।उन्होंने कहा कि यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और शिक्षा से कहीं बड़ा है।