शिवपुरी में 10 दिन में एक ही परिवार में 4 बच्चों की मौत, सिंध नदी में नहाने के बाद शुरू हुआ मौत का खेल

शिवपुरी के सईसपुरा इलाके में 10 दिनों के भीतर एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों समेत चार बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया। सभी में तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त और अंगों के काम बंद होने जैसे लक्षण मिले।

Publish: Sep 02, 2026, 10:50 AM IST

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक ही परिवार के चार बच्चों की महज दस दिनों के भीतर मौत ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सईसपुरा इलाके में हुई इन मौतों में तीन बच्चे आपस में सगे भाई थे। जबकि, चौथा मृतक उनका 19 वर्षीय भांजा अयाज था। सभी में तेज बुखार, पेट में तेज दर्द, उल्टी-दस्त और बाद में शरीर के कई अंगों के काम करना बंद करने जैसे लक्षण सामने आए थे। शुरुआती जांच में मलेरिया, डेंगू और कोविड-19 की पुष्टि नहीं हुई है।

घटनाक्रम की शुरुआत 16 अगस्त के आसपास हुई थी। सईसपुरा निवासी तनवीर खान का 14 वर्षीय बेटा ताहिर खान गोरा टीला स्थित सिंध नदी में नहाने गया था। इसके दो दिन बाद उसे तेज बुखार आया था। स्थानीय इलाज के बावजूद हालत बिगड़ने पर 20 अगस्त को उसे शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 21 अगस्त की मध्यरात्रि उसकी मौत हो गई।

ताहिर के बीमार पड़ने के दौरान ही उसके 19 वर्षीय भांजे अयाज की तबीयत भी खराब हो गई। उसे 20 अगस्त को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर किया। वहां इलाज के दौरान 21 अगस्त को उसकी भी मौत हो गई।

परिवार पर संकट यहीं नहीं रुका। ताहिर के दो और भाई, 11 वर्षीय तारूफ और 9 वर्षीय तासिफ, भी कुछ दिनों बाद बुखार की चपेट में आ गए। 26 और 27 अगस्त के बीच दोनों की हालत तेजी से बिगड़ी। तारूफ को 31 अगस्त को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर तासिफ को गंभीर हालत में ग्वालियर भेजा गया जहां उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुछ ही दिनों में परिवार के तीन सगे भाइयों और उनके एक भांजे की जान चली गई।

लगातार चार मौतों के बाद बीमारी की वजह को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों में बीमारी का पैटर्न लगभग समान रहा है। पहले तेज बुखार, फिर पेट में असहनीय दर्द, उल्टी-दस्त और स्थिति बिगड़ने पर कई अंगों के काम करने में परेशानी होने लगती है। इसके बावजूद मलेरिया, डेंगू और कोविड-19 की जांच में संक्रमण नहीं मिला। यही कारण है कि फिलहाल बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग मामले की अलग-अलग संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है। शिवपुरी जिला अस्पताल, निजी अस्पताल, शिवपुरी मेडिकल कॉलेज और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से मृतकों की केस हिस्ट्री तथा इलाज से जुड़े दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। विशेषज्ञ इन रिकॉर्ड के आधार पर बीमारी के संभावित कारणों की पड़ताल कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सईसपुरा इलाके में निगरानी भी बढ़ा दी है। टीम ने लार्वा सर्वे और अन्य जांच शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक डेंगू के लार्वा नहीं मिले हैं और इलाके में किसी बड़े संक्रमण या आउटब्रेक के संकेत भी सामने नहीं आए हैं। आसपास रहने वाले अन्य लोगों में भी इसी तरह के लक्षण नहीं पाए गए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी रिपोर्ट भोपाल स्थित राज्य स्वास्थ्य संचालनालय भेज दी है। प्रभावित परिवार को निगरानी में रखा गया है और उसके सदस्यों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक ही परिवार के चार बच्चों की इतनी कम अवधि में समान लक्षणों के बाद मौत आखिर किस बीमारी या वजह से हुई।