अमेरिका का ईरान पर फिर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट में की भारी बमबारी, तेहरान ने जवाब में जॉर्डन पर दागीं मिसाइलें

अमेरिकी सेना ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाया था। ट्रम्प ने भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद सभी सुरंगों को हटा दिया गया।

Updated: Aug 31, 2026, 12:27 PM IST

तेहरान। अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमले किए हैं। अमेरिकी फोर्स ने सेना ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट में लारक द्वीप पर ईरानी रॉकेट लॉन्चर पर हमला किया। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री कार्रवाई है। इससे छह महीने से रुक-रुक कर चल रही लड़ाई में आई शांति टूट गई है। ईरान ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए बदला लेने का ऐलान किया है। इससे एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने का अंदेशा पैदा हो गया है।

यूएस सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को होर्मुज जलडमरूमध्य में सी-माइन्स (समुद्री बारूदी सुरंगों) के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते देखा गया था। इसके बाद ये हमले किए गए। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर मौजूद दो ईरानी लॉन्चरों पर हमला किया है।

जुलाई के आखिर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा शुरू किए गए सैन्य अभियान को रोकने के बाद से ईरान पर अमेरिकी हमले का यह पहला ज्ञात मामला है। अमेरिका ने कहा था कि उसने इस महीने की शुरुआत में जलडमरूमध्य के मुख्य शिपिंग लेन से सभी माइन्स (बारूदी सुरंगों) को हटाने का काम पूरा कर लिया था।

ईरानी मीडिया ने लारक द्वीप के पास धमाकों की आवाजें सुनी जाने की बात कही है। ईरान के सरकारी प्रसारक पर जारी एक बयान मIRGC ने कहा है कि रविवार को हुए हमले में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। आईआरजीसी ने इन हमलों का पूरी मजबूती से जवाब देने और 'हमलावर देश को कड़ी सजा देने' की बात कही है।

अमेरिकी हमले के कुछ समय बाद ईरान ने जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। प्रेस टीवी के मुताबिक, किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस के तकनीकी एवं रखरखाव ढांचे और लड़ाकू विमानों की पोजिशन को निशाना बनाया गया। हालांकि, अल अरबिया के मुताबिक जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया।